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झाले में लगी आग, सात साल का मासूम जिंदा जला

Sun, 30 Apr 2017 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
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आग की चपेट में आकर स्वाहा हुई झोपड़ियां - फोटो : अमर उजाला
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खनन मजदूरों के झाले में चूल्हे की चिंगारी से आग लगने से सात साल का एक मासूम जिंदा जल गया। गनीमत यह रही कि झाले में सो रहे अन्य सात बच्चों को सकुशल बचा लिया गया। मौके पर पहुंचे दमकल वाहन ने आग पर काबू पाया। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
झारखंड के गढ़वा जिले के नागर गांव के 22 श्रमिक परिवार रामपुर रोड स्थित हरिपुर फुटकुआं में विंध्यवासिनी स्टोन क्रशर से सटी जंगल की जमीन पर झाला बनाकर पिछले दो-तीन साल से रह रहे हैं और गौला में खनन मजदूरी करते हैं। रोजाना की तरह शनिवार सुबह करीब आठ बजे सभी मजदूर गौला में खनन करने चले गए, जबकि उनके आठ बच्चे झाले में सो रहे थे। बताया जा रहा है कि बच्चों की देखरेख के लिए संगीता पत्नी अशोक झाले के पास ही बने ट्यूबवेल पर कपड़े धोने चली गई। इस बीच करीब 11:15 बजे अचानक झाले में आग लग गई। भीषण गर्मी में तेज हवा चलने से कुछ ही देर में पूरा झाला धू-धू कर जलने लगा। झाले में आग देखकर संगीता ने शोर मचाया और झाले के अंदर सो रहे बच्चों को बाहर निकालने लगी। वहीं, झाले के दूसरे छोर पर लक्ष्मण सिंह का सात साल का बेटा चंचल सो रहा था। जब तक संगीता चंचल तक पहुंचती, वह आग की चपेट में आ गया और जिंदा जल गया। इधर, स्टोन क्रशर पर काम कर रहे मजदूर और आसपास वाले लोग भी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। टीपी नगर चौकी प्रभारी हरेंद्र सिंह की सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। पुलिस के मुताबिक चूल्हे से निकली चिंगारी के चलते आग लगी। मासूम चंचल के जिंदा जल जाने से उसकी मां संगीता रोते-रोते बेसुध हो गई। बदहवासी की हालत में बार-बार में मासूम को पुकारती रही। इधर, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया है।
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हल्द्वानी। पिछले दो-तीन सालों से यहीं रहने से झाला मजूदरों की छोटी सी दुनिया बन गया था। सुबह 11:15 बजे आग लगी और 11.35 बजे तक महज 20 मिनटों में सब कुछ जलकर राख हो चुका था। घटना स्थल के पास मौजूद श्रमिकों को इतना समय नहीं मिल सका कि चंद कदमों की दूरी से पानी लेकर आग बुझाने की कोशिश भी कर पाते।

। मासूम के पिता लक्ष्मण और उसकी पत्नी संगीता को जब गौला में काम के दौरान उसके झाले में आग लगने की सूचना मिली तो वह आननफानन में घर पहुंचा और बेटे को देखा तो बदहवास हो गया। जिस बेटे को कंधे पर झुलाया अब उसी के जले हुए शव को कंधे पर उठाना पड़ा तो बाप का सीना फट पड़ा। चंचल के दोनों छोटे भाई अंचल और मंजीत बार-बार मां से पूछते कि भाई कहां है तो हर बार संगीता फफक पड़ती। यह दृश्य देखकर वहां खड़ा हर शख्स रो पड़ा।

शनिवार की सुबह पारा लगातार चढ़ रहा था। भीषण गर्मी में तपिश बढ़ गई थी जब झाले में आग लगी तो हवा चलने लगी। हवा से आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते सब जलकर खाक हो गया। यदि हवा नहीं चलती तो शायद मासूम बच सकता था।
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कोट
झाले में आग लगने से खनन मजदूरों का एक बच्चा जल गया है। शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है। प्रथम दृष्टया चूल्हे की चिंगारी से आग लग रही है। फिर भी जांच की जा रही है
- हरेंद्र सिंह, चौकी प्रभारी टीपी नगर।
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