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दुकान बंद कर सो रहे ठेकेदार की जलकर मौत, बिहार से एक दिन पहले आया था खनन मजदूरों के साथ

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इसी दूकान के भीतर मजदूरों के ठेकेदार की आग लगने जलकर मौत हुई - फोटो : HALDUCHOD
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हल्दूचौड़ (नैनीताल)। दुकान में सो रहे खनन मजदूरों के एक ठेकेदार की संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग से जलकर मौत हो गई। ठेकेदार एक दिन पहले ही 16 मजदूरों के साथ बिहार से आया था। रविवार देर रात लगी आग की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने अग्निशमन विभाग की मदद से आग पर काबू पाया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखा है।
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हल्दूचौड़ चौकी प्रभारी अजेंद्र प्रसाद ने बताया कि नरही नगरा, बलिया, बिहार निवासी 70 वर्षीय राजनाथ सिंह राजभर पुत्र कोमल सिंह राजभर रविवार की रात हल्दूचौड़ स्थित गौला निकासी गेट पर दुकान का शटर बंद कर सो रहे थे। रात करीब 11 बजे दुकान में आग लग गई। दुकान से धुंआ निकलता देख आसपास के लोगों ने पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल विभाग के जवानों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। आग पर काबू पाने तक दुकान में रखा सामान पूरी तरह जल गया था।
साथ ही राजनाथ सिंह भी आग की चपेट में आकर जान गंवा चुके थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि दुकान में खनन कार्य की सामग्री रखी थी। जिसकी वजह से आग बुझाने में मुश्किल हुई। चौकी प्रभारी ने आशंका जताई कि आग मोमबत्ती से लगी होगी। दुकान में पॉलिथीन आदि भी रखी हुई थी जिसकी वजह से आग तेजी से फैल गई। दुकान पूरन पांडे की थी। राजनाथ सिंह ने दुकान एक हफ्ते पहले किराये पर ली थी। इसके बाद वह मजदूरों को लाने बिहार चले गए थे। उनके साथ आए मजदूर अन्य जगहों पर रुके थे। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। घटना के बारे में राजनाथ के परिजनों को बता दिया गया है। उधर, हल्दूचौड़ निवासी राजनाथ के भतीजे धर्मेंद्र भी मौके पर पहुंच गए थे।
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पर्याप्त व्यवस्था न होने की मार झेलते हैं मजदूर
हल्दूचौड़ (नैनीताल)। गौला नदी में सैकड़ों किमी दूर यूपी, बिहार, झारखंड आदि जगहों से हर साल मजदूर खनन के लिए आते हैं। कठिन परिस्थितियों में मजदूरों की मेहनत की बदौलत ही सरकार को भारी राजस्व प्राप्त होता है लेकिन वे पर्याप्त व्यवस्था न होने का खामियाजा उठाते हैं। वन निगम के डीएलएम केएन भारती का कहना है कि मजदूरों के रहने के लिए टिन शेड बनाने के लिए निगम के पास कोई फंड नहीं है।
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