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गांव तक पहुंची जंगल की आग एक मकान सहित 50 से अधिक घास के लुट्टे राख

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ख्वांकोट गांव में जला दुमंजिला मकान। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
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कनालीछीना (पिथौरागढ़)। कनालीछीना विकासखंड के ख्वांकोट गांव में जंगल की आग शनिवार को गांव तक पहुंच गई। इस घटना में एक मकान पूरी तरह से जल गया जबकि घास के 50 से अधिक लुट्टे जल गए। आग से 10 लाख रुपये से अधिक की क्षति का अनुमान है।
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शनिवार सुबह 11 बजे ऐत गांव से ऊपर वाले जंगल में आग लग गई। आग को गांव की तरफ बढ़ता देख ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझा दी लेकिन दिन में एक बजे दोबारा आग लग गई। आग की ऊंची लपटें गांव तक पहुंच गईं। आग से शिवशंकर पोखरिया और सुरेंद्र सिंह का दोमंजिला लकड़ी का मकान जल गया, जबकि ग्रामीणों के 50 से अधिक घास के लुट्टे जल गए।
सूखी घास और लकड़ियों के जलने से उठी लपटें बाखली तक पहुंच गईं। इससे अफरातफरी मच गई। एक मकान की छत की लकड़ी ने आग पकड़ ली। अन्य घरों के भी आग की चपेट में आने की आशंका को देखते हुए ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों ने घरों से पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज अंधड़ चलने से आग बुझाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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बलवंत सिंह पोखरिया ने बताया कि फिर से आग लगने की आशंका को देखते हुए रात नौ बजे तक लोग मौके पर ही रहे। आग से ग्रामीणों के फलदार पेड़, पौधे भी पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गए। शिवशंकर पोखरिया ने बताया कि आग लगने से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
मकान और घास के लुट्टों सहित पेड़-पौधों के जलने से 10 लाख रुपये अधिक की क्षति का अनुमान है। आग लगने की सूचना के बाद राजस्व और वन विभाग की टीम ने मौका मुआयना किया। प्रभावित ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन से उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

ख्वांकोट गांव में राख में तब्दील घास के लुट्टे। संवाद- फोटो : PITHORAGARH

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