किच्छा में पुलभट्टा पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के सट्टा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो सटोरियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी रिश्ते में जीजा-साला हैं। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया है।
थानाध्यक्ष पुलभट्टा कमलेश भट्ट ने बताया कि शनिवार को चेकिंग के दौरान शंकर फार्म कट के पास कार में एक एप से सट्टा लगवाते हुए नरेंद्र कुमार सिंधी निवासी गिदपुरी और उसके साले जितेंद्र कुमार सिंधी निवासी बैशालीनगर अजमेर राजस्थान को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से पांच मोबाइल, 35700 रुपये की नकदी, एक डायरी और पेन बरामद हुई है। भट्ट ने बताया कि इनका एक संगठित गिरोह है जो अजमेर नाम के एप में एडमिन की मदद से लोगों को आपस में जोड़कर सट्टा लगवाता है।
जीतने वाले को रकम दोगुनी कर दी जाती है। पैसे का लेनदेन नकद किया जाता है। लगभग हर जगह इन्होंने अपने मैनेजर बना रखे हैं। एसओजी की मदद से आरोपियों से जुड़े सटोरियों का पता लगाया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। गिरोह को पकड़ने में पुलभट्टा थाने के चालक प्रवीण कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दो माह में 50 लाख से अधिक का लेनदेन
बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपियों की लिमिट 25-25 लाख रुपये की है। इनके ऊपर राजू और नंदू नाम के व्यक्ति हैं, जो अजमेर व दुबई में बैठते हैं। उनकी लिमिट 50-50 लाख रुपये है। गिरोह के सरगना और एडमिन लल्लू भाई और पटेल भाई हैं, जो दुबई से सारा गिरोह संचालित करते हैं। नरेंद्र कुमार सिंधी रुद्रपुर, किच्छा, हल्द्वानी, पीलीभीत, बरेली आदि क्षेत्र का मैनेजर है। जितेंद्र सिंधी के मोबाइल से एप के माध्यम से दो माह में 50 लाख से भी अधिक रुपये का लेनदेन होने की पुष्टि हुई है।