नैनीताल। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने मंगलवार को नैनीताल के कृष्णापुर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने खतरा बने बोल्डरों को हटाने के लिए विशेषज्ञ एजेंसी की मदद लेने को कहा। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शेष अस्थिर बोल्डरों को केवल स्थिर करना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए उन्होंने स्लोप स्टेबलाइजेशन में विशेषज्ञ एजेंसी को तत्काल मौके पर बुलाकर आधुनिक तकनीक से बोल्डरों को छोटे टुकड़ों में विभाजित कर हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में एडीएम को संबंधित एजेंसी से वार्ता कर कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने क्षेत्र का भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण भी शीघ्र कराने को कहा। आयुक्त ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से अस्थिर अवस्था में मौजूद विशाल बोल्डर को सिंचाई विभाग ने जाल लगाकर रोकने का प्रयास किया था जो पर्याप्त सिद्ध नहीं हुआ। हाल ही में बोल्डर गिरने से एक कार और दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हुए।
वैकल्पिक मार्ग और सफाई पर जोर
स्थानीय लोगों ने पैदल मार्ग की जर्जर स्थिति और बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। आयुक्त ने सिंचाई विभाग को तत्काल मार्ग मरम्मत और रेलिंग लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बलिया नाले के स्थायी स्थिरीकरण तक वर्तमान मार्ग को सुरक्षित बनाने को कहा। स्थानीय नागरिकों ने कुमाऊं यूनिवर्सिटी के कृषि विज्ञान विभाग के मैदान से पुराना कूड़ाखड्ड तक वैकल्पिक दोपहिया मार्ग बनाने की मांग की। इस पर उन्होंने लोनिवि को शीघ्र सर्वे कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
लापरवाही पर कार्रवाई और अपील
निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्थानों पर अत्यधिक गंदगी पाए जाने पर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने नगर पालिका को नियमित सफाई सुनिश्चित करने की चेतावनी दी। कार्य नहीं कर रहे सफाई कार्मिकों का वेतन काटने के निर्देश दिए।