लालकुआं विधानसभा में गौलापार क्षेत्र का वोटर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला तय करने में अहम रोल निभाएगा। चुनावी तिथि नजदीक आने के साथ समीकरण बदलने लगे हैं। निर्दलीय प्रत्याशी हरेंद्र बोरा के गढ़ में भाजपा के नवीन दुम्का और कांग्रेस के हरीश चंद्र दुर्गापाल ने सेंधमारी शुरू कर दी है। इससे गौलापार की ग्राम पंचायतों का वोट प्रत्याशियों में बंटने लगा है।
गौलापार में 25 ग्राम पंचायतों में 17,239 वोटर हैं। त्रिकोणीय मुकाबले में निर्दलीय हरेंद्र बोरा गौलापार के रहने वाले हैं और यह क्षेत्र उनका गढ़ माना जाता है। पिछले चुनाव में हरेंद्र बोरा को ही इसी इलाके से सर्वाधिक वोट पड़े थे। लेकिन, इस बार हरेंद्र बोरा मैदान में निर्दलीय हैं।
गौलापार का चुनावी समीकरण अचानक बदला है और मुकाबला तीनों प्रमुख प्रत्याशियों के बीच हो गया है। बुधवार को अमर उजाला की टीम क्षेत्र में पहुंची। खेड़ा से लेकर मदनपुर चौराहे तक हर जगह चुनाव की ही चर्चा थी। हर चौराहे के साथ प्रत्याशियों के समर्थक भी बदलते नजर आए। खेड़ा चौराहा पर बोरा समर्थकों का दबदबा था।
चाय की दुकान चलाने वाले अजय रावत बोरा के कट्टर समर्थक हैं। रावत बोले, पड़ोसी होने का धर्म तो निभाना पड़ेगा। वैसे भी बोरा उनके सुख-दुख के साथी हैं। कुंवरपुर चौराहा पर भी अधिकतर समर्थक बोरा के ही थे।
रेशमबाग चौराहा पर मोदी भक्तों की मंडली हार-जीत का गणित लगाने में व्यस्त थी। यह क्षेत्र भाजपा के जिला पंचायत सदस्य प्रकाश गजरौला का है। दुकानों के बाहर कुर्सियां लगाकर बैठे युवा मोदी के समर्थक थे।
उनका कहना था कि प्रत्याशी नहीं बल्कि मोदी के लिए वोट करेंगे। मदनपुर चौराहा पर हरीश चंद्र दुर्गापाल समर्थक नजर आए। यहीं दुर्गापाल ने अपना चुनावी कार्यालय भी खोला है। ग्रामीणों का कहना था कि सभी प्रत्याशी एक जैसे हैं। दुर्गापाल साफ छवि के नेता हैं।
मदनपुर गांव अभी तक सड़क मार्ग से नहीं जुड़ सका है। ग्रामीणों के चुनाव बहिष्कार के ऐलान के बाद दुर्गापाल ने गांव आने की इच्छा जताई है, ताकि गांव तक सड़क पहुंचाने के लिए कोई रास्ता निकाला जा सके।