नगर निगम की बोर्ड बैठक में जिसकी आशंका थी, बृहस्पतिवार को वही हुआ। कांग्रेसी पार्षदों ने हंगामा कर बोर्ड बैठक का बहिष्कार किया और धरना दिया। इससे पहले बोर्ड में 22 सदस्यों का कोरम पूरा होने पर बैठक शुरू हुई।
बोर्ड प्रस्तावों पर चर्चा शुरू होते ही कांग्रेसी पार्षद धरने से उठकर मेयर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सभागार से बाहर निकल गए। बोर्ड में हरिपुर कर्नल वार्ड में भूमिधरी जमीन पर काबिज सरकारी विभागों और लोगों को भूमि का स्वामित्व देने समेत तीनों प्रस्ताव बहुमत से पारित हो गए।
खास बात यह रही कि 22 सदस्यों का कोरम को पूरा करने वाले सदस्यों में कुछ कांग्रेस के भी पार्षद शामिल रहे। नगर निगम की पिछले बोर्ड बैठक में निगम की दुकानों का किराया प्रति वर्ग फीट निर्धारित किया गया था।
इसके बाद से नगर निगम राजनीति का अखाड़ा बन गया। कांग्रेसी पार्षदों ने इसका विरोध किया और संशोधित प्रस्ताव बोर्ड में नहीं लाने पर बोर्ड बैठक का बहिष्कार का एलान किया था। बृहस्पतिवार को निगम की बोर्ड बैठक शुरू होने से पहले ही कांग्रेसी समर्थित पार्षद सभागार में पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी।
मेयर के खिलाफ नारेबाजी होने से हंगामा शुरू हो गया। पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कांग्रेसी पार्षद बैठक का बहिष्कार कर निगम परिसर में ही धरने पर बैठक गए। कांग्रेसियों के हंगामा और बहिष्कार से अफरा-तफरी मच गई। बोर्ड बैठक के संचालन को लेकर संशय की स्थिति बन गई।
बाद में दोपहर करीब 12 बजे तक बोर्ड में 22 सदस्यों का कोरम पूरा हो गया। कोरम की औपचारिकता के साथ मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला की अध्यक्षता में बैठक शुरू हो गई। पहले प्रस्ताव में श्रमिक बस्ती हरिपुर कर्नल वार्ड की वर्ग एक (क) की भूमिधरी की जमीन पर अवैध कब्जेदारों को भूमि का मालिकाना हक देने का प्रस्ताव पारित हो गया।
पार्षदों ने कहा कि विभाग और लोग दशकों से भूमि पर काबिज हैं। उन्हें हटाना संभव नहीं है, लिहाजा उक्त भूमि के विक्रय की अनापत्ति दी जाए, ताकि काबिज लोगों को उसका मालिकाना हक दिलाया जा सके।
नगर निगम कार्यालय भवन के बकाया भुगतान पर भी सहमति बनी। भवन की कुल लागत 406.50 लाख है। इसमें 103.925 लाख बकाया है। पार्षदों ने कहा कि अधूरा काम पूरा करवाकर भुगतान किया जाए।
तीसरे प्रस्ताव में एलआईसी को एक पार्क गोद देने पर सहमति बनी। पार्षदों ने कहा कि निगम प्रशासन पार्कों की देखरेख नहीं कर पा रहा है। ऐसे में पार्कों को गोद देकर उनका सुंदरीकरण किया जा सकता है।
बैठक में 21 सदस्यों के अलावा नगर आयुक्त हरबीर सिंह, उप नगर आयुक्त नीरज जोशी समेत निगम के अधिकारी मौजूद थे।
मेयर को सौंपा ज्ञापन
कांग्रेसी पार्षदों ने बहिष्कार से पूर्व मेयर को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेसी पार्षदों ने दुकानों का बढ़ा किराया वापस लेने, भवन कर संबंधी जानकारी लेने को देने के लिए हर वार्ड में कैंप लगाने और शहर से कूड़ा उठाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।