रामनगर। नेशनल हाईवे 309 पर बाइक पर पीछे बैठे युवक को बाघ के उठा ले जाने की घटना से वन विभाग और प्रशासन में खलबली मची है। वन विभाग की टीम को हाईवे से 50 मीटर की दूरी पर युवक का बैग और खून से सना मोबाइल मिला है।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व पार्क और रामनगर वन प्रभाग के वन कर्मियों ने युवक को तलाश करने के लिए संयुक्त अभियान चलाया। करीब तीन घंटे चले अभियान के दौरान टीम को युवक का पता नहीं चल पाया। युवक का बैग और खून से सना मोबाइल हाईवे से महज 50 मीटर की दूरी पर मिला है। रात होने की वजह से वन कर्मियों को अभियान चलाने में परेशानी हुई।
रामनगर वन प्रभाग के कोसी के मोहान चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह तड़ियाल ने बताया कि जैसे ही उन्हें सूचना मिली, वह युवक को तलाशने के लिए जुट गए थे, लेकिन अंधेरा होने से युवक को तलाशने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
‘बाइक सवारों को टारगेट कर रहे बाघ’
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक नीरज कुमार ने बताया कि 16 जून को धनगढ़ी गेट से जंगल में बाघ ने बाइक सवार मजदूर खलील अहमद नाम के मजदूर को मार दिया था। इसके बाद एक हफ्ते में ही बाइक सवार वन कर्मी को भी घायल कर दिया था। धनगढ़ी से लेकर मोहान तक कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, जिसमें एक बाघिन और उसके तीन बच्चे दिखाई दिए। नौ जुलाई को जब रेस्क्यू टीम ने बाघिन को पकड़ा तो उसके तीन बच्चे मौके पर थे। रेस्क्यू अभियान के दौरान टीम पर चार बार बाघिन ने हमला किया। इस दौरान उसके तीन बच्चे भी आक्रामक नजर आ रहे थे।
इससे पहले इस क्षेत्र में एक भिखारी को भी बाघ ने अपना शिकार बनाया था। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि धनगढ़ी से लेकर मोहान तक बाघ बाइक सवारों पर हमला कर रहा है।
बाघ के हमले में अब तक मारे गए 31 लोग
राज्य गठन के बाद वर्ष 2000 से लेकर 2019 तक वन्यजीवों के हमले में 31 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें 17 लोग ऐसे थे जिन्हें बाघ ने मार डाला था। 19 जनवरी 2006 को ढेला में बाघ ने गोदी देवी को अपना शिकार बनाया था। इसके बाद बिजरानी में 4 फरवरी 2009 को ढिकुली की भगवती नैनवाल को मारा था। 12 नवंबर 2010 को बाघ ने सुंदरखाल निवासी नंदी देवी, 29 दिसंबर 2010 को सुंदरखाल निवासी देवकी देवी, नौ जनवरी 2011 को गर्जिया निवासी शांति देवी, 14 जनवरी 2014 में कालागढ़ में हरनंदी देवी, नौ फरवरी 2014 को कालागढ़ में रामचरण सिंह, पांच अक्तूबर 2015 को ढेला में देवकी देवी, तीन नवंबर 2018 को ढिकाला में बिजनौर निवासी मजदूर पंकज को बाघ ने शिकार बनाया। 22 जुलाई 2012 में बीट वाचर दीवान राम को सर्पदुली में बाघ ने मारा। 20 अक्तूूबर 2013 में कालागढ़ में बीट वॉचर राजेश कुमार शर्मा, 25 मार्च 2014 को सर्पदुली में बाघ नेे कृपाल राम, 22 मार्च 2016 को सर्पदुली में गश्त के दौरान बाघ ने बीट वॉचर कृष्णपाल सिंह, आठ अप्रैल 2016 को सर्पदुली में बीट वॉचर हरी राम, 15 जुलाई 2019 को प्लेन रेंज में बीट वॉचर सोहन सिंह, 13 अगस्त 2019 में ढिकाला में बीट वॉचर बिशन राम, 11 फरवरी 2021 में बिजरानी रेंज में कमला देवी को बाघ ने हमलाकर मौत के घाट उतारा। फरवरी 2022 में धनगढ़ी के पास बाघ ने एक भिखारी को हाइवे से उठाकर मार डाला। 15 जून 2022 को धनगढ़ी गेट से जंगल में सर्पदुली रेंज में बाघ ने मजदूर खलील अहमद को हमला कर मार दिया था।