केंद्र सरकार के नए परिवहन बिल के विरोध में बृहस्पतिवार को रोडवेज के पहिए जाम रहे। विभिन्न यूनियनों ने बिल को सिर्फ पूंजीपतियों के हित का बताते हुए इसका विरोध किया और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का पुतला फूंका।
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने हल्द्वानी बस स्टेशन में प्रदेश अध्यक्ष एचआर बहुगुणा के नेतृत्व में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का पुतला फूंका। पदाधिकारियों ने कहा कि बिल के लागू होने से देश भर के निगम, आटो रिक्शा और टैक्सी कारोबारियों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक में उपमहामंत्री महेंद्र सिंह जीना ने कहा कि मोटरयान अधिनियम 1988 के स्थान पर केंद्र सरकार सड़क परिवहन एवं सुरक्षा बिल 2014 प्रस्तावित है। यदि प्रस्तावित बिल लागू हो गया तो देश के समस्त परिवहन निगम का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। मोटरयान अधिनियम 1988 सार्वजनिक परिवहन निगमों को सुरक्षा प्रदान करता है, उसे प्रस्तावित बिल में हटा दिया गया है। बिल के लागू होने से सार्वजनिक निगमों के साढ़े सात लाख लोग रोजगार विहीन हो जाएंगे।
इधर, परिवहन निगम की हड़ताल से हल्द्वानी रोडवेज स्टेशन पर सन्नाटा पसरा रहा। यात्री बस के लिए दिनभर परेशान रहे। लोगों ने गंतव्य तक जाने के लिए टैक्सी का सहारा लिया। टैक्सी वालों ने बस न चलने के कारण यात्रियों से मनमाने दाम वसूले। प्रदर्शन करने और पुतला फूंकने वालों में उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रवक्ता कमल पपनै, जमील खां, मुकेश वर्मा, आनंद बिष्ट, केके यादव, सुनील जोशी, अजय सिंह, इस्लामुद्दीन, संयुक्त परिषद के शाखा अध्यक्ष जेसी शर्मा, मंत्री पीएस नेगी, डीडी जोशी, अब्बास हुसैन, गोकुलानंद जोशी, केएस राणा, आरएस बिष्ट, कमलेश जोशी आदि थे।