भीमताल (नैनीताल)। भीमताल ब्लॉक की ग्राम पंचायत पनियामेहता के तोक खत्री खाड़ गांव में जमराधी बांध निर्माण कार्य की ब्लास्टिंग से दस मकानों में दरारें पड़ने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से ब्लास्टिंग संबंधी कार्यों में रोक लगाने और दरारों की जांच करने के साथ उचित मुआवजे की मांग की है।
बुधवार को डीएम ने नैनीताल एसडीएम नवाजिश खलिक के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। एसडीएम नवाजिश खलिक ने भू-वैज्ञानिक और विभागीय अधिकारियों के साथ गांव का निरीक्षण कर मकानों और खेतों में आई दरारों को देखने के साथ लोगों की समस्या को सुना। गांव के जगदीश चंद्र पलड़िया, भुवन चंद्र ने एसडीएम को बताया कि बांध निर्माण के लिए ब्लास्टिंग शुरू होने के बाद से मकानों और खेतों में दरारें तेजी से बढ़ने लगी हैं। इससे गांव के दस परिवारों को खतरा बना हुआ है। बरसात में मकानों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। उन्होंने अधिकारियों को दरारों को दिखाते हुए उचित कार्रवाई की मांग करते हुए मुआवजा दिलाने की मांग की।
आज लगाए जाएंगे यंत्र
एसडीएम ने बताया कि भू-वैज्ञानिक की ओर से मकानों की दरारों का निरीक्षण किया है। शुक्रवार तक दरारों को मापने के लिए भूकंप मापी संयंत्र (सिस्मोग्राफ) लगाए जाएंगे। संयंत्र लगाने तक क्षेत्र में किसी भी तरह की ब्लास्टिंग पर रोक लगाई गई है ताकि और नुकसान न हो। परियोजना प्रबंधक जमरानी बांध को निर्देश दिए गए हैं कि सिस्मोग्राफ लगाने तक ब्लास्टिंग न होने दी जाए।
सुरक्षा दीवार भी बनाई जाएगी
एसडीएम ने गांव में सुरक्षा की दृष्टि से दीवार लगाने के निर्देश भी परियोजना प्रबंधक को दिए। एसडीएम ने कहा कि ग्रामीणों को जो भी नुकसान पहुंचा है, उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने एसडीएम से गांव के दस परिवारों को मुआवजा और रोजगार दिलाने की मांग उठाई। इस दौरान भूवैज्ञानिक कामिनी बिष्ट, जमरानी बांध के परियोजना प्रबंधक हिमांशु पंत आदि मौजूद रहे।