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जन्मदिन पर खत्म की जिंदगी

Mon, 20 Apr 2015 01:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,रामनगर
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राजकीय पीएनजी कालेज के छात्रसंघ उपसचिव हेम चंद्र ने अपने जन्मदिन पर फांसी लगाकर जान दे दी। हेम की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। सुसाइड नोट में हेम ने मौत का जिम्मेदार खुद को ही ठहराया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया है।
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पीएनजी डिग्री कालेज रामनगर के छात्रसंघ उपसचिव हेम चंद्र (22) पुत्र हरीश कांडपाल निवासी ग्राम पवलगढ़ बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। रविवार को वह परीक्षा की तैयारी के लिए घर की दूसरी मंजिल में कमरे में पढ़ाई कर रहा था। दोपहर दो बजे पिता ने खाना खाने के लिए उसे आवाज दी तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। काफी देर होने पर भी जब हेम नीचे नहीं आया तो पिता ने ऊपर जाकर दरवाजा खटखटाया।

कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर वह सन्न रह गए। हेम का शव चादर से बनाए फंदे पर लटका हुआ था। हेम की खुदकुशी की खबर फैलते ही छात्रसंघ पदाधिकारियों समेत कालेज के कई छात्र भी उसके घर पहुंच गए। सूचना पर बैलपड़ाव चौकी इंचार्ज जसविंदर सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया मृतक हेम के कमरे से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने स्वेच्छा से जान देने की बात लिखी है। मामला क्या है, इसकी गहनता से जांच की जा रही है। शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
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मौत के लिए मै खुद हूं जिम्मेदार : हेम
हेम के कमरे से मिले सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि ‘मैं हेम चंद्र अपनी मौत का जिम्मेदार खुद ही हूं। मैं अपनी जिंदगी से तंग आकर यह कदम उठा रहा हूं। मेरी आप लोगों से गुजारिश है कि मेरी वजह से मेरे घर वालों को परेशान न करें। मैं अपनी मौत का जिम्मेदार खुद हूं। धन्यवाद हेम चंद्र।’

फेसबुक पर मिलती रही जन्मदिन की शुभकामनाएं
छात्रसंघ उपसचिव हेम चंद्र की मौत हो चुकी है, इस बात से उसके मित्र और जानने वाले दोपहर तक अंजान थे। हेम की फेसबुक आईडी पर जन्मदिन की शुभकामनाएं आती रहीं। जैसे ही मित्रों और उसके जानने वालों को उसकी मौत का पता चला, उनकी आंखें भर आईं।

कालेज में सबका चहेता था हेम
महाविद्यालय का उपसचिव हेम सबका चहेता था। अपने मित्रतापूर्ण व्यवहार के कारण हेमचंद्र ने वर्ष 2015 का छात्रसंघ चुनाव भारी बहुमत से जीता। इतना ही नही चुनाव जीतने के बाद भी हेमचंद्र ने किसी से मिलना जुलना कम नहीं किया। वह कालेज में छात्रों के साथ ही प्राचार्या और प्रवक्ताओं का भी चहेता था।
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दो परीक्षाएं दे चुका था
मृतक हेम चंद्र बीए द्वितीय वर्ष का विद्यार्थी था। वह दो परीक्षाएं दे चुका था और अगला पेपर 15 मई को इनवायरमेंट का था, जिसकी तैयारी में वह जुटा था।

भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष ने जताया शोक
छात्रसंघ उपसचिव हेम चंद्र की मौत पर भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष जगमोहन सिंह बिष्ट ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उसकी आत्मा शांति की प्रार्थना की।
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