इंदिरा नगर जन विकास समिति के पदाधिकारियों ने शनिवार सुबह नगर निगम की ओर से आ रही कूड़े की दो गाड़ियों में बायो मेडिकल वेस्ट मिला तो हंगामा कर दिया। उन्होंने दो घंटे नगर निगम की सभी कूड़े की गाड़ियों को सड़क पर खड़ा कर दिया।
शुक्रवार को सुशीला तिवारी अस्पताल का बायोमेडिकल वेस्ट की गाड़ी पकड़ने के बाद समिति के पदाधिकारियों ने शनिवार को भी नगर निगम की कूड़ा लाने वाली गाड़ियों की जांच की। जांच में हीरानगर और रामपुर रोड से आने वाली गाड़ियों को रोककर इनका निरीक्षण किया तो दोनों गाड़ियों में बायोमेडिकल वेस्ट मिला।
इस पर समिति के पदाधिकारियों ने जमकर हंगामा काटा। उन्होंने निगम की सभी कूड़ा लाने वाली गाड़ियों को सड़क में खड़ा करा दिया। समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगतसे बायोमेडिकल वेस्ट ट्रंचिंग ग्राउंड में डाला जा रहा है।
इसके बाद पहुंचे सफाई निरीक्षक अमोल असवाल ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर समिति पदाधिकारी माने। इस दौरान समिति के तसलीम अंसारी, जाहिद हुसैन, रईस अहमद, इरफान सिद्वकी आदि मौजूद रहे।
निगम के बड़े अधिकारी नहीं पहुंचे
दो घंटे हंगामे के बाद भी नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तुहीन कुमार मौके पर नहीं पहुंचे। समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम के नगर स्वास्थ्य इसके लिए गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि गाड़ियों में बायोमेडिकल वेस्ट मिलने के बाद स्वास्थ्य अधिकारी को मौके पर आना चाहिए था।
चंदन डायग्नोस्टिक और सुशीला तिवारी के मिले पर्चे
बायोमेडिकल वेस्ट में चंदन डायग्नोसिस्ट और सुशीला तिवारी के पर्चे मिले हैं। नगर निगम की ओर से पहुंचे सफाई निरीक्षक अमोल असवाल ने बताया कि समिति की ओर से पकड़े गए बायोमेडिकल वेस्ट में चंदन डाइग्नोस्टिक और सुशीला तिवारी अस्पताल के पर्चें मिले हैं। इसके लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
इंदिरा नगर से आई गाड़ी में भी मिला बायोमेडिकल वेस्ट
इंदिरा नगर से आई गाड़ी में चालक की ओर से बताने के बाद नगर निगम की टीम ने कूड़े को खाली कराकर जांच की। इस दौरान इंद्रा नगर से आई कूड़े की गाड़ी में पट्टियां, सिरिंज, दस्ताने आदि मिले हैं।
कूड़ा तब उठाएंगे जब मिलेगी सुरक्षा
नगर निगम की ओर से कूड़ा लाने वाली गाड़ियों के चालकों ने कहा कि वह तब कूड़ा उठाएंगे, जब नगर निगम के अधिकारी उन्हें सुरक्षा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि कूड़ा उठाने से पहले उन्हें कूड़ा छाटने के लिए पांच-पांच कर्मचारी दिए जाए।
उन्होंने कहा कि वह एक-एक पॉलिथीन का कूड़ा छांटकर नहीं देख सकते हैं। बायोमेडिकल वेस्ट आने पर समिति के पदाधिकारियों की ओर से उन्हें परेशान किया जा रहा है। जबकि यह काम निगम के उच्चाधिकारियों का है कि वह बायोमेडिकल वेस्ट न आए, इसके लिए व्यापक कार्रवाई करें।
बायोमेडिकल वेस्ट डालने पर 40 हजार का जुर्माना
दो गाड़ियों में बायोमेडिकल वेस्ट मिलने पर नगर आयुक्त हरवीर सिंह ने चंदन डायग्नोसिस्ट और मैसर्स देव गुरु इंटरप्राइजेज पर 20-20 हजार का जुर्माना किया है। नगर आयुक्त ने इन दोनों को भेजे नोटिस में कहा है कि तीन दिन के अंदर जुर्माना नहीं देने पर भू राजस्व की तरह वसूली की जाएगी। उसके बाद भी बायोमेडिकल वेस्ट पकड़े जाने पर आपकी जिम्मेदारी तय कर दी जाएगी।
दो-टूक
हरवीर सिंह, नगर आयुक्त
एसटीएच और चंदन डॉइग्नोसिस्ट पर आपने 20-20 हजार का जुर्माना लगाया है। लेकिन निगम की गाड़ियों में जो बायोमेडिकल वेस्ट ढोया जा रहा है उसका क्या?
जवाब : ऐसा अगर हो रहा है तो मैं खुद जांच करूंगा, कर्मचारी की मिलीभगत पाए जाने पर दोषी कर्मचारी निलंबित किए जाएंगे।
नगर निगम के अधिकारियों ने बायोमेडिकल वेस्ट कहां जा रहा है इसकी जांच करने की जरूरत कभी समझी?
जवाब - बायोमेडिकल वेस्ट रुद्रपुर प्लांट में जाता है, कौन अस्पताल बायोमेडिकल वेस्ट रुद्रपुर नहीं भेज रहा है, उसका ब्योरा जल्द ही प्लांट से मांगा जाएगा।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी की क्या जिम्मेदारी हैं?
जवाब- नगर में सफाई और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी की है।
आपकी कभी मेडिकल वेस्ट के निपटारे को लेकर उनसे बात हुई है।
जवाब- हाइकोर्ट का आदेश आने के बाद मैंने उनसे इस बारे में कार्रवाई करने को कहा था, उन्होंने क्या कार्रवाई की है कल ही उनसे पूछता हूं।
हाइकोर्ट के आदेशों का पालन कराने की दिशा में आप क्या कर रहे हैं?
जवाब- शनिवार को आईएमए की बैठक बुलाई गई है।
जिन गाड़ियों में बायोमेडिकल वेस्ट मिला है, इसे देखता कौन है और यह किसकी जिम्मेदारी है?
जवाब- एक टीम गठित की जाएगी जो अस्पताल के बायोमेडिकल वेस्ट की निगरानी करेगी। मैं खुद भी समय-समय पर इसकी जांच करूंगा। कर्मचारी की मिलीभगत पाए जाने पर उसे संस्पेंड किया जाएगा।