बिंदुखत्ता को नगरपालिका का दर्जा दिए जाने पर जहां क्षेत्रीय विधायक और श्रममंत्री ने बिंदुखत्ता वासियों के लिए इसे बेहतरीन तोहफा करार दिया था। वहीं कांग्रेसियों द्वारा ही नगरपालिका का विरोध किए जाने पर श्रम मंत्री ने यू टर्न लेते हुए अपना सुर बदल दिया है।
देर से ही सही लगता है श्रम मंत्री को बिंदुखत्ता को नगरपालिका बनाए जाने का माजरा अब समझ में आ गया है। जब अन्य राजनीतिक दलों के साथ ही कांग्रेस ने भी पालिका के विरोध में आवाज बुलंद करते हुए राजस्व गांव की मांग को जायज ठहराया है और पालिका के लिए जनसमर्थन जुटाए जाने की मांग उठा दी। इसी मुद्दे को लेकर हुई कांग्रेस की महापंचायत में श्रम मंत्री को अपना रुख बदलने को मजबूर होना पड़ा। दरअसल यह एक राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। जो सभी राजनीतिक दलों की जमीन को तय करेगा।
रविवार को सामुदायिक भवन इंदिरानगर द्वितीय में हुई ब्लाक कांग्रेस कमेटी और भूमिहीन संगठन की महापंचायत में बतौर मुख्य अतिथि श्रम मंत्री हरीशचंद्र दुर्गापाल ने बिंदुखत्ता नगरपालिका को लेकर हुए विवाद के संबंध में कहा कि पालिका के लिए सर्वे कराया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। मुख्यमंत्री ही इस पर अंतिम निर्णय लेंगे लेकिन पालिका को लेकर आम जनता का फैसला सर्वोपरि होगा।
उन्होनें राजस्व गांव की मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि वह हमेशा इसके पक्षधर रहे हैं, लेकिन तकनीकी कारणों से राजस्व गांव नहीं बन पाने से जनता की मांग पर ही पालिका का निर्णय लिया जाएगा। कांग्रेस जिला प्रवक्ता प्रमोद कलौनी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने बिंदुखत्ता नगर पालिका का गठन किया लेकिन कांग्रेस जनता को नगरपालिका के फायदे बताने में नाकामयाब रहे। विपक्ष इसका दुष्प्रचार कर जनता को गुमराह करने में सफल रहा।
परिणाम स्वरूप 90 प्रतिशत लोग नगरपालिका के विरोध में हैं। महापंचायत में भूमिहीन संगठन के अध्यक्ष धरम सिंह , महामंत्री ज्ञानसिंह गुसाईं, कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष बलवंत दानू, महामंत्री गिरधर बम, मोहन अधिकारी, डॉ. चंद्रसिंह दानू, हरीश बिसौती, एचएन दुर्गापाल, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरस्वती ऐरी आदि थे।
सर्वे से पता लगेगा पालिका बनेगी या नहीं
बिंदुखत्ता(नैनीताल)। नगरपालिका बने या नहीं इस मुद्दे को लेकर बिंदुखत्ता में घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। एक माह में सर्वे रिपोर्ट तैयार होगी। सर्वे के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी कि जनता नगरपालिका चाहती है या नहीं।