हाइवे से सटे भवनों पर लगे होर्डिंग सड़क हादसों को दावत दे रहे हैं। हल्द्वानी की अधिकांश सड़कें दोनों तरफ से प्राइवेट कंपनियों और जनप्रतिनिधियों के होर्डिंग से पटी हैं। होर्डिंग सरकारी और गैर सरकारी भवनों की छतों और दीवारों पर टंगे हैं। होर्डिंग सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण बन रहे हैं। लिहाजा, उत्तराखंड सरकार ने अधिसूचना जारी कर भवनों पर होर्डिंग लगाने पर प्रतिबंध भी लगाया है।
शहर का अधिकांश क्षेत्र होर्डिंग से पटा है। वैध और अवैध दोनों ही तरीके से प्राइवेट कंपनियों और नेताओं के होर्डिंग लगे हैं। जबकि नगर निगम ने होर्डिंग लगाने के लिए जगह भी अधिकृत की है। इसके लिए ठेका भी गया दिया है। बावजूद अधिकांश होर्डिंग अवैध और गलत ढंग से लगे हैं। मुख्य बाजारों में सरकारी और गैर सरकारी भवनों पर होर्डिंग वाहन चालकों का ध्यान खींचते हैं, जिससे अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। कई जगहों और चौराहों पर होर्डिंग सड़क के ठीक ऊपर हैं। हवा चलने पर होर्डिंग टूटकर वाहन चालकों पर गिरने का खतरा बना रहता है।
नेताओं के होर्डिंग महीनों तक लगे रहते हैं। तीज त्योहार पर शहर के चौराहे और सड़कें नेताओं के होर्डिंग से पट जाती हैं। दुकानदारों ने भी फुटपाथ और डिवाइडरों पर तक अपने बोर्ड लगाए हैं। मानकों के लिहाज से सभी होर्डिंग अवैध हैं। पुलिस, प्रशासन और नगर निगम होर्डिंग उतारने और जब्त करने की जहमत तक नहीं उठाता है। जिससे होर्डिंग का कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
कालेज क्षेत्र पटा
कालेज छात्रसंघ के चुनाव में भले ही कई महीने बाकी हैं लेकिन कालेज के आसपास का इलाका अभी से पूरी तरह होर्डिंग से पट गया है। संभावित प्रत्याशियों ने अपने होर्डिंग खड़े कर दिए हैं। कालेज की दीवार से लेकर सरकारी संपत्ति पर पोस्टर और बैनर टंगे हैं। संभावित प्रत्याशी रातों रात पोस्टर और बैनरों से पाट रहे हैं।