फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहाड़ी दरकने से बाइक सवार जीजा-साले की मौत

Tue, 01 Aug 2017 02:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो भीमताल (नैनीताल)।
विज्ञापन
पहाड़ी दरकने से बाइक सवार जीजा-साले की मौत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भौर्या बैंड (खैरना) के पास सोमवार की सुबह पहाड़ी दरकने से बाइक सवार जीजा-साले की बोल्डरों और पत्थरों के नीचे दबकर मौत हो गई। दोनों अल्मोड़ा से लौट रहे थे। हादसे के बाद अल्मोड़ा की तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। सात घंटे बाद जाम खुल सका।
विज्ञापन

इस मार्ग पर करीब डेढ़ किलोमीटर के दायरे में सवा दो माह के भीतर यह दूसरा हादसा है। इससे पहले 22 मई को यहां से करीब एक किमी दूर लोहाली के पास जागेश्वर धाम के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बस पर बोल्डर गिरने से पांच महिलाओं की मौत हो गई थी।

कठघरिया पनियाली हल्द्वानी निवासी घनानंद सुयाल के 30 वर्षीय बेटे पंकज सुयाल स्टील फेब्रिकेशन का काम करते थे। वह तीन दिन पहले अपने साले 21 वर्षीय रवि जोशी पुत्र उमेश चंद्र जोशी निवासी कुंवरपुर गौलापार के साथ फेब्रिकेशन के काम से अल्मोड़ा के शीतलाखेत गए थे।
विज्ञापन


सोमवार की सुबह दोनों बाइक यूके 04 के 2883 से अल्मोड़ा से हल्द्वानी के लिए रवाना हुए। सुबह 11:30 बजे वह भौर्या बैंड, खैरना के पास पहुंचे ही थे कि अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा सड़क पर आ गिरा। दोनों बोल्डरों और पत्थरों की चपेट में आ गए। पीछे से आ रहे वाहन चालकों ने इसकी सूचना भवाली और खैरना पुलिस को दी तो चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह नेगी घटनास्थल पर पहुंचे।

इसके बाद पोकलैंड मशीन मंगाई गई और बोल्डर और पत्थरों को हटाकर साढ़े बारह बजे रवि का शव निकाल लिया गया। जेब में मिले कागजों के आधार पर उसके घर वालों को इसकी सूचना दी गई। कुछ देर बाद पंकज का एक पैर बरामद हुआ। शव की तलाश के लिए एसडीआरएफ नैनीताल की टीम ने कोसी नदी ऑपरेशन चलाया।

शाम छह बजे पंकज के शव का शेष भाग भी मिल गया। दोनों के परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए। परिवार वालों ने तलाशी के दौरान शव की बेकद्री का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और वहां जाम भी लगा दिया।

रोड कटिंग से जानलेवा बनी सड़क

मार्ग चौड़ीकरण के लिए की जा रही रोड कटिंग के चलते इस मार्ग पर जगह-जगह पहाड़ी कमजोर हो गई है। कई जगह पहाड़ी पर बोल्डर अटके हुए हैं, जो बरसात के इस मौसम में जानलेवा साबित हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें