दिवंगत लोकगायक प्रह्लाद मेहरा का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर किया गया। उनके पुत्र मनीष मेहरा, नीरज मेहरा और कमल मेहरा ने चिता को मुखाग्नि दी।
कुमाऊंनी लोकगायक प्रह्लाद मेहरा बृहस्पतिवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। इससे पहले बिंदुखत्ता संजय नगर स्थित आवास से शवयात्रा रानीबाग चित्रशिला घाट पहुंची। संगीत, कला, राजनीति समेत विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां प्रह्लाद मेहरा की अंतिम यात्रा में शामिल हुईं। अंतिम यात्रा में भाई मनोहर मेहरा, पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, विधायक मोहन सिंह बिष्ट, गदरपुर विधायक अरविंद पांडे, पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र दुर्गापाल, हरेंद्र बोरा, पूर्व मंत्री बलवंत भौर्याल, नवीन दुम्का, बलवंत भौर्याल, गणेश जोशी, ललित जोशी, भूपेंद्र मनौला, आरजे काव्या, नवीन टोलिया, रितेश जोशी, कैलाश कुमार, चंद्र प्रकाश आदि पहुंचे।
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प्रह्लाद मेहरा के निधन पर जगह-जगह शोक
कुमाऊंनी लोकगायक प्रह्लाद मेहरा के निधन पर उत्थान मंच में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि मेहरा ने अपने गीतों के माध्यम से पर्वतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम किया है। यहां अध्यक्ष खडक सिंह बगडवाल, सचिव देवेंद्र तौलिया, उपाध्यक्ष गोपाल बिष्ट, महासचिव यूसी जोशी, त्रिलोक बनौली आदि रहे। वहीं, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने प्रह्लाद मेहरा को श्रद्धांजलि दी। यहां प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा आदि रहे। उधर, नैनीताल में शिक्षक संघ कूटा, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा और सांस्कृतिक संस्था प्रयोगांक ने भी शोक जताया है।