तीन दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश के चलते बरेली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग यहां भवाली में मस्जिद तिराहे के पास धंस गया जिससे एनएच में भारी वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।
इस दौरान एक धंसाव वाली सड़क से जबरन निकाला जा रहा कैंटर खाई में जा गिरा, अलबत्ता चालक ने कैंटर से कूदकर जान बचा ली।
जिलाधिकारी दीपक रावत ने क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण कर एनएच में भारी वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया है। हल्द्वानी से वाया भवाली होकर अल्मोड़ा और रानीखेत को आने जाने वाले भारी वाहन अब वाया भीमताल होकर आ जा रहे हैं।
इधर ओखलकांडा ब्लाक के कुकना गांव में दो लोगों के घरों में दरार आ गई है और गांव के प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार की रात दो बजे के करीब मस्जिद तिराहे के पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंसकर खाई में समा गया जिससे मस्जिद तिराहे से भवाली की ओर भारी वाहनों की आवाजाही ठप हो गई और सड़क किनारे भारी वाहनों की कतार लग गई।
बताया जाता है कि रात में ही एक कैंटर चालक ने जबरन कैंटर को निकालने का प्रयास किया लेकिन इसी दौरान कैंटर लगभग 150 फुट गहरी खाई में जा गिरा। कैंटर चालक ने गाड़ी से कूदकर जान बचाई और मौके से फरार हो गया।
बुधवार की सुबह सूचना मिलने पर जिलाधिकारी दीपक रावत मौके पर पहुंचे। उन्होंने एनएच के मुख्य अभियंता एनएच अजाय को निर्देश दिए कि वह जिस स्थान पर सड़क में धंसाव हुआ है वहां बैक कटिंग कर यातायात के लिए सड़क को सुचारू कराएं।
उन्होंने कहा कि टूटी हुई सड़क के दोनों ओर चेतावनी बोर्ड लगाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि जब तक मौके पर सड़क की बैक कटिंग नहीं होती तब तक सड़क के दोनों ओर से भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिंबधित रहेगी।
उन्होंने एनएच में गिरने वाले मलवे को हटाने के लिए सड़क के दोनों ओर जेसीबी मशीन तैनात रखने के भी निर्देश दिए। इस मौके पर अधिशासी अभियंता मीना भट्ट और सहायक अभियंता बीसी तिवारी आदि भी मौजूद थे।
इधर ओखलकांडा ब्लाक के कुकना गांव के प्रधान मदन नौलिया ने बताया कि लगातार हुई बारिश के चलते कुकना गांव निवासी गंगा राम पुत्र नरीराम और कृष्ण राम पुत्र लच्छी राम के मकान में दरार आ गई है।
उन्होंने बताया कि गांव में स्थित प्राइमरी पाठशाला के भवन की जीर्णशीर्ण स्थिति को देखते हुए स्कूल भवन को बंद कर बच्चों को कैड़ागांव स्थित हाईस्कूल में शिफ्ट कर दिया गया है।