सिंचाई अधिकारियों की मानें तो भीमताल झील से पानी नहीं छोड़ा गया तो तराई-भाबर में सिंचाई का संकट गहरा सकता है। गौला के जलस्तर में लगातार गिरावट हो रही है। इस बार मई के दूसरे सप्ताह तक समय-समय पर बारिश होने से गौला का जलस्तर अभी ठीकठाक बना हुआ है, लेकिन जल्द ही भीमताल झील से पानी नहीं मिला तो पूरे क्षेत्र में सिंचाई के लिए बड़ा संकट पैदा हो जाएगा।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता तारादत्त कांडपाल ने बताया कि गौला से रोजाना 30 क्यूसेक पानी शहर की पेयजल सप्लाई के लिए दिया जाता है। सिंचाई के लिए रोजाना 130 क्यूसेक पानी की जरूरत पड़ती है। वह भी तब जब विभाग रोस्टर बनाकर अलग-अलग इलाकों में तीसरे दिन सिंचाई के लिए पानी दे रहा है।
उन्होंने बताया कि सिंचाई और पेयजल के लिए रोजाना 160 क्यूसेक पानी की जरूरत है, जबकि अभी गौला में 167 क्यूसेक पानी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि अधिक गर्मी पड़े और बारिश नहीं हुई तो गौला का जलस्तर लगातार गिरता जाएगा। ऐसी स्थिति में भीमताल से पानी छोड़ा जाना एकमात्र विकल्प बचेगा।