बेतालघाट-गर्जिया रोड पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। क्योंकि पापड़ी की पहाड़ी से होकर गुजरने वाली सड़क इस कदर जर्जर हो चुकी है कि यात्री जान हथेली पर रखकर यात्रा करने को मजबूर हैं। इधर, विभाग के लिए यह पहाड़ी दुधारू गाय साबित हो रही है।
पापड़ी की पहाड़ी में बेतालघाट-गर्जिया रोड आए दिन बंद होती रहती है। हल्की बारिश में ही यहां सड़क पर मलबा आ जाता है। पिछले वर्षों के दौरान पापड़ी की पहाड़ी में सड़क की बदहाली के कारण कई वाहन सैकड़ों फीट नीचे स्थित कोसी में समा चुके हैं। बावजूद इसके सड़क को ठीक कराने के लिए कभी भी ठोस पहल नहीं हुई है।
चूंकि इस क्षेत्र का व्यापार रामनगर से जुड़ा हुआ है, लिहाजा इस रोड से रोजाना 10-15 जीपें रामनगर को आती-जाती हैं। बेतालघाट-गर्जिया रोड से रामनगर की दूरी महज 60 किलोमीटर है, लेकिन जब यह रोड पापड़ी में बंद होती है तो यात्रियों को रामनगर पहुंचने के लिए वाया भतरौजखान होकर जाना पड़ता है और तब उन्हें 50 किलोमीटर यात्रा अतिरिक्त करनी पड़ती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कभी भी उक्त रोड पापड़ी में बंद होती है विभाग कामचलाऊ व्यवस्था कर छोटे वाहनों का आवागमन तो सुचारु करा देता है लेकिन बड़े वाहनों का आवागमन नहीं हो पाता है। पिछले काफी समय से इस रोड पर बड़े वाहनों का आवागमन ठप है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से पापड़ी की पहाड़ी से होने वाले भूस्खलन को रोकने और सड़क को ठीक कराने के लिए ठोस उपाय कराने की मांग की है।