हल्द्वानी। बंगाली समुदाय ने मंगलवार को पोइला बोइशाख (नव वर्ष) त्योहार मनाकर नव वर्ष का स्वागत किया। 15 अप्रैल बंगाली कैलेंडर का पहला दिन होता है। इस दिन को नोबो बोरसो (नया साल) नाम से जाना जाता है। बांगो समाज हल्द्वानी की ओर से भी मंगलवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
पोइला बोइशाख, बंगाली संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह समाज में एकता, खुशियां और नई शुरुआत का प्रतीक है। इस विशेष दिन पर बंगा समुदाय के लोग एक दूसरे को शुभो नोबो बोरसो कहकर बधाई देते हैं। व्यावसायिक वर्ग के लिए यह एक महत्वपूर्ण दिन होता है। बंगाली समुदाय के लोग इस दिन शादी विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, खरीदारी जैसे कार्यों को शुभ मानते हैं।
कालाढूंगी रोड में एक होटल में हुए आयोजन में बंगाली समाज के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में शर्मिष्ठा चक्रवर्ती ने गीतों से सबको आनंदित किया। इसके बाद गूंजा, मेघा, वृष्टि, श्रीनिका, आयुष्मी, पूनम ने कालो जोले कुचला तोले, सुंदरी गो जैसे गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किए। संचालन कोली साहू ने किया। इस मौके पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए पंचाली सेन को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कृष्णा दत्त, प्रवीर सेन, सीमा चक्रवर्ती, अदिति रॉय, समिक रॉय, अमिताभ चक्रवर्ती आदि मौजूद रहे।