नगर पालिका कर्मियों की ओर से बिना किसी अधिकारी को साथ लिए घुमंतू फड़ व्यवसायियों के खिलाफ अभियान चलाकर समान जब्ती करना महंगा पड़ गया। विरोध में फड़ व्यवसायियों ने प्रदर्शन एवं हंगामा किया। कोतवाली में संयुक्त मजिस्ट्रेट आशीष चौहान की मौजूदगी में हुई वार्ता के बाद फड़ व्यवसायियों को सामान वापस कर दिया गया।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मल्लीताल पंत पार्क में फड़ व्यवसाय खत्म हो गया है। कुछ व्यवसायी मिलकर शोरूम में काबिज हो गए हैं तो कुछ ने अपना नया व्यवसाय खोज लिया है। कुछ गरीब जरूरतमंद अब भी घुमंतू रूप में सामान बेच रहे हैं। रविवार देर सायं पालिका वाहन ने पंत पार्क में प्रवेश किया और एक दर्जन से अधिक फड़ व्यवसायियों का सामान जब्त किया, इससे गुस्साए फड़ व्यवसायियों ने वाहन रोक लिया तथा विरोध-प्रदर्शन किया। उन्होंने तिब्बती एवं भोटिया बाजार में दुकानों के बाहर अतिक्रमण का आरोप लगाया।
इसके बाद पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और दोनों पक्षों को कोतवाली ले जाया गया। जहां संयुक्त मजिस्ट्रेट आशीष चौहान के समक्ष हुई वार्ता में यह पक्ष भी सामने आया कि अभियान बिना किसी अधिकारी के चलाया गया। बाद में श्री चौहान के आदेश पर उन्हें सामान वापस किया गया। वर्क एजेंट ईश्वर बहुगुणा ने बताया कि अभियान में वह शामिल नहीं थे, उन्होंने सभी 16 व्यवसायियों को सामान वापस कर दिया है।
-पालिका प्रशासन किसी अधिकारी के साथ फड़ व्यवसाय के खिलाफ अभियान चलाए। जब्तीकरण की कार्रवाई पर संबंधित सामान की सूची भी तैयार करें। -आशीष चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट