नवीन थोक मंडी में सब्जी एवं गल्ले के कारोबार के साथ - साथ कुछ व्यवसायियों ने अवैध रूप से सीमेंट का कारोबार भी किया जा रहा है। मंडी में एक नहीं बल्कि सीमेंट के विभिन्न ब्रांडों के दस से अधिक सीएंडएफ संचालित किए जा रहे हैं। जबकि थोक मंडी में सिर्फ फल सब्जी और गल्ले का ही कारोबार हो सकता है। इसके बावजूद इनके खिलाफ मंडी समिति या फिर जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं की गई।
बरेली रोड पर कुमाऊं की सबसे बड़ी थोक मंडी बनी हुई है। इसका संचालन कृषि उत्पादन मंडी समिति हल्द्वानी द्वारा किया जाता है। थोक मंडी में फल एवं सब्जी की आढ़तों के अलावा दूसरी ओर मंडी में गल्ला यानी कि खाद्यान्न का कारोबार किया जाता है। मंडी समिति के रिकार्ड के मुताबिक मंडी में कुल 430 दुकानें हैं जिनमें सब्जी मंडी की 302, गल्ला मंडी की 106 और किसान बाजार की 22 दुकानें हैं। मंडी समिति के नियमों के तहत थोक मंडी में गैर कृषि उत्पादों का कोई भी कारोबार नहीं हो सकता। लेकिन बावजूद इसके थोक मंडी में गैर कृषि उत्पादों के एक नहीं कई कारोबार धड़ल्ले से चल रहे हैं।
मंडी समिति ने गल्ला मंडी में अनाज और दालों का कारोबार करने के लिए व्यापारियों को जो गोदाम आवंटित किए थे, उनमें से कई गोदामों में गल्ले के बजाय दूसरे काम किए जाने लगे हैं। कई बड़े व्यापारी नेताओं ने अपने रसूख का इस्तेमाल कर सीमेंट के गोदाम ही बना दिए। सीमेंट के गोदाम सीएंडएफ एक नहीं बल्कि दस से अधिक बने हुए हैं। इन गोदामों पर दिन भर सीमेंट लोडिंग या अनलोडिंग होता रहता है।
लोगों का कहना है कि ट्रक से कट्टे उतराते या चढ़ाते समय सीमेंट दूर तक उड़ता है जिससे मंडी में काम करने वाले लोगों को भारी परेशानी होती है। इधर, सीमेंट के गोदाम चलने की जानकारी मंडी प्रशासन से लेकर सभी अफसरों को हैं मगर कार्रवाई किसी ने नहीं की। इस संबंध में मंडी सचिव वीके लोहुमी से बात करने की कोशिश की गई पर उनसे मोबाइल फोन पर संपर्क नहीं हो सका।
मंडी समिति बोर्ड की बैठक आज
हल्द्वानी। कृषि उत्पादन मंडी समिति बोर्ड की बुधवार को होने वाली बैठक अब बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे होगी। मंडी समिति के अध्यक्ष सुमित हृदयेश ने बताया कि बैठक में कई प्रस्तावों पर विचार विमर्श किया जाएगा।