हल्द्वानी। कोहरे में दुर्घटनाओं से बचने के लिए पुलिस नियमों का पाठ पढ़ा रही है। अभियान चलाकर निजी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं लेकिन खुद नियमों को ताक पर रखकर हादसों को दावत दे रही है। शहर में जगह-जगह दिन का ट्रैफिक संभालने के लिए बैरिकेड खडेे़ किए गए हैं, उनमें न तो रिफ्लेक्टर हैं और न ही मानकों का ध्यान रखा गया। रात में कोहरे के बीच वाहन चालकों को ये बैरिकेड दिखाई नहीं दे रहे हैं जिससे बाइकसवार लगातार चोटिल हो रहे हैं जबकि बड़े हादसे को अंदेशा बना हुआ है।
शहर की संकरी सड़कों पर यातायात को नियंत्रण करना पुलिस के लिए हमेशा चुनौती रहा है। इस वजह से पुलिस ने कई जगह डिवाइडर की तरह बैरिकेड लगा दिए हैं जिससे बेवजह के मोड़ों को बंद किया जा सके, लेकिन घने कोहरे में ये बैरिकेड कहीं जानलेवा साबित न हो जाएं। अचानक सड़क के बीच रखे गए इन बैरिकेड को कोहरे में देखना मुश्किल हो रहा है। शाम होते ही रामपुर रोड पर कोहरा छा जाता है। देवलचौड़ चौराहे पर रखे गए बैरिकेड तेज रफ्तार आने वाले वाहन चालकों को नहीं दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं बैरिकेड की कमी की वजह से पुलिस ने दो बैरिकेड के बीच रस्सी बांध रखी है जो नियमों के खिलाफ है।
पूर्व संकेत के लिए रिफ्लेक्टर का होना जरूरी
हल्द्वानी। बैरिकेड से पहले अगर पुलिस रिफ्लेक्टर (रात के समय लाइट पड़ते ही चमक उठने वाली पट्टी) भी लगवा दे तो वाहन चालक को पता चल जाएगा कि आगे बैरिकेड है और उसे संभलकर चलना है। तेज कोहरे में भी वाहन की लाइट पड़ते ही रिफ्लेक्टर चमक उठते हैं जिस वजह से संकेत को समझना आसान होता है।
यहां लगे हैं बैरिकेड
हल्द्वानी। शहर में देवलचौड़ चौराहे पर, कोतवाली के सामने, एसडीएम कोर्ट के पास, एमबीपीजी डिग्री कॉलेज के सामने, मंगल पड़ाव आदि जगहों पर सड़कों पर पुलिस ने बैरिकेड से डिवाइडर बना रखे हैं। इनके अलावा अन्य स्थानों पर भी डिवाइडरों का इस्तेमाल होता रहता है।
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लोनिवि के डिवाइडरों के आगे भी नहीं है रिफ्लेक्टर
हल्द्वानी। लोनिवि के डिवाइडरों के आगे भी रिफ्लेक्टर नहीं हैं। कोहरे के समय अगर अचानक से कोई डिवाइडर सामने आ जाए तो डिवाइडर को समझना मुश्किल हो सकता है। यदि रिफ्लेक्टर हो तो इन डिवाइडरों को देखना भी आसान होगा।
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जहां पर लाइटों की व्यवस्था है। वहां पर रिफ्लेक्टर की जरूरत नहीं है, लेकिन ऐसी जगहों को चिह्नित किया जाएगा कि जहां पर बैरिकेड तो हैं लेकिन रिफ्लेक्टर नहीं है। बहुत जल्द यहां भी व्यवस्था कर दी जाएगी।
-जगदीश चंद्र, एसपी यातायात, हल्द्वानी।
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ये हैं बैरिकेड लगाने के नियम
>> दो बैरिकेड के बीच तार या रस्सी लगाना गलत है। बैरिकेड के बीच रस्सी भी बंधी है।
>> बैरिकेड के आगे-पीछे रिफ्लेक्टर होने चाहिए।
>> बैरिकेड पर उत्तराखंड पुलिस को बोर्ड दूर से ही चमकना चाहिए।
>> जहां बैरिकेड लगाए जाएं वहां स्ट्रीट लाइट जली होनी चाहिए।
>> रात में बैरिकेड पर तैनात पुलिसकर्मी चमकदार जैकेट, टॉर्च और ड्रैगन लाइट के साथ होने चाहिए, ताकि वाहन चालकों को दूर से बैरिकेडिंग का पता चल सके।