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बीडीसी बैठक भी राजनीति की शिकार

Wed, 31 Aug 2016 10:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
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जनता और विकास कार्यों से जुड़ी बीडीसी बैठक भी राजनीति का शिकार हो गई। ग्राम प्रधान संगठन ने विभिन्न मुद्दों को लेकर बीडीसी बैठक का बहिष्कार किया। ब्लाक प्रमुख ने इसे छिटपुट विरोध बताकर बैठक को सफल बताया।
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हालांकि बीडीसी की बैठक हो रही है? इसकी खबर भी गोपनीय रखी गई। इसको लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। बीते दिनों जिला पंचायत की समीक्षा मीटिंग थी। इसमें नेता और अफसर भिड़ गये थे।

बाद में अफसरों ने मीटिंग का बहिष्कार कर दिया था। इसमें विकास के मुद्दे विवाद की भेंट चढ़ गये थे। अब बीडीसी की मीटिंग की बारी थी। सामान्य तौर पर बीडीसी की मीटिंग की सूचना दी जाती है।
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सूचना विभाग कई बार बाकायदा मीटिंग का प्रेस नोट भी जारी करता है। लेकिन, हल्द्वानी ब्लाक की मीटिंग हो रही है, इसकी जानकारी सामान्य लोगों तक कम ही पहुंच पाई। अब इस बीडीसी मीटिंग को लेकर भी विवाद और खींचतान शुरू हो गई है।

इसमें भी राजनीति का एंगिल देखा जा रहा है। ग्राम प्रधान संगठन जिसका दावा है कि उसके संगठन में करीब 80 तक ग्राम प्रधान जुड़े हैं, उन्होंने मताधिकार खत्म होने के विरोध, ग्राम प्रधानों के बजट में कटौती आदि को लेकर मोर्चा खोल दिया।

संगठन प्रमुख कुंदन बोहरा ने कहा कि बीडीसी बैठक का पूर्ण बहिष्कार किया गया। अगर ग्राम प्रधानों को पर्याप्त बजट नहीं मिलेगा, तो कार्य कैसे होगा। ब्लाक प्रमुख का ग्राम प्रधानों का समर्थन करने की बात निराधार है।

मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा। ब्लाक प्रमुख ने भोलादत्त भट्ट ने भी विज्ञप्ति जारी कर मीटिंग को सफल बताया। उनका कहना था कि कुछ लोगों ने विरोध और हंगामा करने का प्रयास किया, लेकिन ज्यादा फर्क नहीं पड़ा।

बैठक में विकास खंड के समस्त क्षेत्र पंचायत सदस्यों व ग्राम प्रधानों ने क्षेत्र की मांगों तथा योजनाओं को लेकर अपने प्रस्ताव रखे। इस दौरान ज्येष्ठ उप प्रमुख तारा सिंह नेगी, कनिष्ठ उप प्रमुख जया कर्नाटक समेत विभिन्न विभागों के अफसर मौजूद थे।

कालाढूंगी सीट को लेकर रस्साकशी हल्द्वानी। कालाढूंगी विधानसभा सीट को लेकर रस्साकशी चल रही है। बताया जाता है कि इसमें कई दावेदार हैं, जो राजनीति के मांझे से पेच लड़ाने के साथ दूसरे की पतंग काटने की जुगत में लगे हैं। बीडीसी की बैठक में हुए हंगामे का एक कारण यह भी माना जा रहा है।
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