हल्द्वानी। स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर करने के लिए फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) की अवधारणा पर काम किया जाएगा। मातृ मृत्यु दर 89 पर पहुंच गई है और इसको और कम करने के लिए हल्द्वानी के बेस, महिला और सुशीला तिवारी अस्पताल में दो सौ बेड बढ़ाए जाएंगे।
अपर सचिव स्वास्थ्य, चिकित्सा-शिक्षा और एनएचएम के निदेशक युगल किशोर पंत ने सोमवार को बेस अस्पताल, महिला अस्पताल और सुशीला तिवारी अस्पताल में डाक्टरों के साथ बैठक की। उनका फोकस अस्पतालों में बेडों की संख्या बढ़ाने पर था। बेस अस्पताल में 50 नए बेड बढ़ाने के लिए डाक्टरों से परामर्श किया। कहा कि अस्पताल में निष्प्रयोज पड़े भवन की तकनीकी दिक्कत को दूर कर उसे प्रयोग में लाया जाए।
साथ ही 50 नए बेड बनाने का प्रस्ताव बनाकर भेजें। बेस अस्पताल में नए ढांचे के बहुउद्देश्यीय इमारत का प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा। इसके बाद पंत महिला अस्पताल पहुंचे और कहा कि पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर 50 बेड का नया अस्पताल बन सकता है। इसका प्रस्ताव बनाकर अतिशीघ्र भेजने के निर्देश सीएमएस डॉ. भागीरथी जोशी को दिए।
सुशीला तिवारी अस्पताल में भी सौ बेड बढ़ाने की संभावना पर विचार हुआ। पंत ने कहा कि भारत सरकार का अस्पतालों में बेड बढ़ाने पर जोर है। इसके तहत प्रस्ताव पूरे प्रदेश में बनाए जाए जा रहे हैं और केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे। पंत ने बताया कि 2020 में महिला अस्पताल को डाक्टर और स्टाफ देकर कमी दूर करने का प्रयास किया जाएगा। महिला और बेस अस्पताल में एलएमओ और ईएमओ जल्द ही दिए जाएंगे। इस दौरान मेयर डॉ. जोगेंद्र रौतेला, डॉ. डीएस पंचपाल, एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत, पार्षद मनोज जोशी और रवि शंकर जोशी आदि थे।
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज 2020 में शुरू हो जाएगा
चिकित्सा शिक्षा निदेशक युगल किशोर पंत ने कहा कि 2020 में अल्मोड़ा मेडिकल कालेज में अध्ययन कार्य शुरू हो जाएगा। प्रयास किया जाएगा कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के मानकों को पूरा कर लिया जाए और एमबीबीएस की मान्यता लेकर शिक्षण कार्य शुरू हो जाए। पंत ने कहा कि रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज सरकार की प्राथमिकता में है। टीचिंग ब्लाक बनकर तैयार हो गया है। प्रशासनिक भवन के निर्माण के लिए भारत सरकार से सहयोग लिया जाएगा। बताया कि रुद्रपुर के सरकार अस्पतालों को अपग्रेड किया जाएगा।
तीन वर्ष से खड़ी एंबुलेंस को चलाया जाए
आरटीआई कार्यकर्ता रवि शंकर जोशी ने चिकित्सा शिक्षा निदेशक युगल किशोर पंत को बताया कि गौलापार के स्वास्थ्य केंद्र खेड़ा में तीन वर्षों से एक एंबुलेंस खड़ी है। एंबुलेंस को जल्द चलाया जाए साथ ही एंबुलेंस के संचालन न करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने मोटाहल्दू में मानकों की अनदेखी कर बने भवन और चल रहे विवाद के संबंध में भी जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।