हल्द्वानी। मंगलवार शाम उफान पर आए रकसिया नाले की दहशत बुधवार को भी प्रभावितों की आंखों में साफ दिखाई दी। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दमुवाढूंगा की कुमाऊं कॉलोनी क्षेत्र के कई लोग घर छोड़कर चले गए हैं। क्षेत्रवासियों ने बताया कि नाले का रौद्र रूप देख रात भर जागते रहे। तड़के बारिश थमने और नाले के पानी का स्तर कम होने पर थोड़ी राहत मिली, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है। इधर, प्रशासन ने जेसीबी लगाकर नाले के बहाव को आबादी की तरफ से हटाकर दूसरी ओर मोड़ा।
रकसिया नाले की वजह से मंगलवार रात दमुवाढूंगा समेत दर्जनों कॉलोनियों में जलभराव हो गया था। कुमाऊं कॉलोनी में एक निर्माणाधीन भवन का हिस्सा टूटकर रकसिया नाले में गिर गया जबकि कई अन्य घरों के करीब तक भू-कटाव हो गया। इस क्षेत्र में नाले के एकदम समीप तक मकान बने हुए हैं। इससे लोगों में दहशत है। कई लोगों ने जरूरी सामान निकालकर अपने परिचितों और रिश्तेदारों के घरों में पहुंचा दिया है जबकि कई परिवार तो ताला लगाकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। किरायेदारों ने भी दूसरी जगह मकान तलाशने शुरू कर दिए हैं।
कुमाऊं कॉलोनी निवासी रवि आर्या ने बताया कि नाले में बहाव की वजह से मंगलवार की रात को लोग जागते रहे और सुरक्षित स्थान ढूंढते रहे। वहीं, प्रेम ने बताया कि नाले के कटाव से उनके मकान को भी नुकसान हुआ है। अभी भी दमुवाढूंगा में 100 से ज्यादा घरों पर खतरा मंडरा रहा है। इधर, मंगलवार को दमुवाढूंगा में ही देवनगर कॉलोनी से बहने वाला रकसिया नाला सड़क पर बहने लगा था। मंगलवार को सिंचाई कॉलोनी और पनचक्की रोड भी जलमग्न थी जिस वजह से आगे सरदार की कोठी क्षेत्र में मलबा और गाद जमा हो गई। नाले के बहाव से क्षेत्र में सड़कों को का नुकसान पहुंचा है। कई जगह सड़क उखड़ गई है और उनमें पत्थर जमा हो गए हैं। दमुवाढूंगा निवासी जगत सिंह ने कहा कि सिंचाई विभाग को नाले के दोनों तरफ सुरक्षा दीवार लगानी चाहिए जिससे नाले का बहाव और भूकटाव न हो।