सीएम को ज्ञापन देते विधायक कैड़ा और ग्रामीण।
भीमताल (नैनीताल)। रानीबाग से चंदादेवी, सलड़ी और भीमताल तक लोनिवि और वन विभाग की ओर से अतिक्रमण हटाने को लेकर मकान स्वामियों और दुकानदारों को नोटिस देकर लाल निशान लगाने के बाद से लोग परेशान हैं।
बुधवार को सलड़ी के पूर्व ग्राम प्रधान दयाल बेलवाल के आवास पर स्थानीय व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने बैठक की। राज्य आंदोलनकारी डॉ. केदार पलड़िया ने कहा कि स्थानीय लोग 70 सालों से दुकान चलाकर अपनी रोजीरोटी चला रहे हैं लेकिन सरकार स्थानीय निवासियों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस देकर बेरोजगार करने में तुली है। यहां ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रेम मेहरा, महेंद्र शर्मा, लक्ष्मीदत्त पलड़िया, हरीश पलड़िया, युगल पलड़िया, पूरन पांडे, चंदन पलड़िया, नवीन पलड़िया आदि मौजूद रहे। वहीं, विधायक राम सिंह कैड़ा ने दून में सीएम को बताया कि पर्वतीय क्षेत्र में लोग 60 सालों से मकान और दुकान बनाकर अपनी आजीविका चला रहे हैं। अब अतिक्रमण हटाने को लेकर नोटिस दे दिए हैं। कैड़ा ने सीएम से अतिक्रमण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।
सरकार गरीब ग्रामीणों को उजाड़े नहीं, बसाएं
नैनीताल। जिला सहकारी बैंक के निदेशक और प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य गोपाल बिष्ट ने प्रदेश सरकार की ओर से अतिक्रमण के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम को गलत बताया है। प्रेस को जारी बयान में कहा है कि नगर के मुख्य मार्ग समेत दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में लोग सालों से आजीविका चला रहे हैं लेकिन अब सरकार की ओर से उन्हें उजाड़ा जा रहा है। सरकार को उन्हें भूमि आवंटित करनी चाहिए या जरूरी होने पर विस्थापन करना चाहिए।