कालाढूंगी रोड स्थित बैंक आफ इंडिया की शाखा में शार्ट-सर्किट के चलते शुक्रवार तड़के भीषण आग लग गई। एसी जलने से आई धमाकों की आवाज से पड़ोसियों की नींद टूटी। सूचना पर फायरब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू किया। आग से बैंक के एसी, कंप्यूटर, प्रिंटर, फर्नीचर, फाल्स सीलिंग, नोट गिनने की मशीनें सहित काफी सामान जलकर नष्ट हो गए। शाखा प्रबंधक ने अग्निकांड में एक करोड़ से अधिक की क्षति का अनुमान लगाया है। बैंक के जोनल अधिकारियों की टीम क्षति का जायजा लेने के लिए पहुंच गई है।
शुक्रवार सुबह पांच बजे बैंक आफ इंडिया की शाखा में आग पूरी फैल चुकी थी। खिड़की से लपटें निकल रही थी और शीशे टूटकर बिखर रहे थे। बैंक में एयर कंडीशनर और अन्य सामान ब्लास्ट होने से पड़ोसियों की नींद टूट। सूचना पर तत्काल बैंक के शाखा प्रबंधक राजेश सिंह गर्ब्याल मौके पर पहुंचे।
उस समय तक आग काफी फैल चुकी थी। जानकारी मिलने पर एफएसओ इंद्रजीत के नेतृत्व में अग्निशमन के जवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने अंदर घुसकर आधे घंटे में आग को काबू में कर लिया। अग्निकांड से फर्नीचर, पंखे, नौ सीपीयू, मानीटर, चार प्रिंटर, एलईडी, पांच एसी, स्केनर, दो नोट काउटिंग मशीन और दो नोट छांटने की मशीन सहित काफी सामान जलकर नष्ट हो गए। फायरब्रिगेड की जांच से पता चला कि फाल्स सीलिंग से ही शार्ट-सर्किट हुई है।
शाखा प्रबंधक का कहना है कि बैंक के इमरजेंसी कार्य शनिवार को किए जाएंगे, लेकिन आम जनता का कार्य बाधित हो जाएगा। अभी बैंक के सिस्टम को दुरुस्त करने में काफी समय लगेगा। इस मामले मेें जोनल अधिकारियों से बातचीत कर विकल्प तैयार किया जाएगा। हादसे में स्ट्रांग रूम तक आग नहीं पहुंच सकी। इस कारण लॉकर में रखे सामान सुरक्षित हैं। काफी कागजात लोहे की अलमारियों में सुरक्षित हैं।
बीते 2007 में बैंक खुला था। उस समय फर्नीचर और फाल्स सीलिंग का 45 लाख का ठेका था। इसके अलावा अन्य सामान मिलाकर लगभग एक करोड़ से अधिक की क्षति का अनुमान है। बैंक में फायर अलार्म के अलावा अग्निशमन यंत्र भी मौजूद थे।