फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिसौरिया नाले से भूस्खलन की जद में आया श्यामलाताल का बांजा गांव

विज्ञापन
भूस्खलन से श्यामलाताल के बांजा तोक की दरकती पहाड़ी। - फोटो : TANAKPUR
विज्ञापन
टनकपुर (चंपावत)। पर्यटन स्थल श्यामलाताल क्षेत्र में बिसौरिया नाले से लगी पहाड़ियों में सालों से हो रहा भूस्खलन अब श्यामलाताल के बांजा गांव की पहाड़ी तक पहुंच गया है। खेतों में दरारों से पहाड़ी के कभी भी अचानक धंसने का खतरा हो गया है। खतरा बढ़ता देख गांव के तीन परिवारों ने मकान खाली कर सुरक्षित स्थान में शरण ली है। प्रशासन ने भी हालात पर नजर रखनी शुरू कर दी है।
विज्ञापन

श्यामलाताल क्षेत्र के बिसौरिया नाले से लगी पहाड़ियां करीब चार दशक से दरक रहीं हैं। नाले के कटाव से लगातार हो रहा भूस्खनल आधा दर्जन से अधिक गांवों के लिए खतरा बनता जा रहा है। नलखाली तोक के ग्रामीणों की कई नाली भूमि भूस्खलन की भेंट चढ़ चुकी है। ग्राम प्रधान जगदीश प्रसाद, समाजसेवी पं. शंकर दत्त जोशी, केएन तिवारी आदि ने बताया कि भूस्खलन की मार अब सियाला के बांजा, खुलली और पपनीयाड़ी तोक की पहाड़ी तक पहुंच गई है। खेतों में बड़ी-बड़ी दरारों से किसी भी वक्त पहाड़ी धंसने का खतरा हो गया है। बांजा के साथ ही खुल्ली और पपनीयाड़ी तोक भी खतरे की जद में है। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया के निर्देश पर तहसीलदार डॉ. ललित मोहन तिवारी के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचे स्थिति का जायजा लेकर वहां रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों में शरण लेने के निर्देश दिए।
बिसौरिया नाले के कटाव से श्यामलाताल के बांजा तोक की पहाड़ी को पैदा हुए खतरे की सूचना पर राजस्व विभाग की टीम को निरीक्षण के लिए मौके पर भेजा गया। टीम ने वहां रह रहे तीन परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए कहा, लेकिन तब ये परिवार नहीं माने। अब बुधवार रात खतरा बढ़ा तो अब ये परिवार मकान छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। हालात की विस्तृत रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।
विज्ञापन

- हिमांशु कफल्टिया, एसडीएम पूर्णागिरि तहसील, टनकपुर।
बस्तिया में दोमंजिले कच्चे मकान की दीवार ढही
टनकपुर। बारिश से बस्तिया गांव में दो मंजिले कच्चे मकान की दीवार का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से मकान को खतरा हो गया है। राजस्व विभाग की टीम ने मौका मुआयना कर रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी है। ग्राम प्रधान कविता धौनी ने बताया कि बृहस्पतिवार को बारिश से गंगागिरी पुत्र प्रताप गिरी के दोमंजिले कच्चे मकान की एक दीवार अचानक क्षतिग्रस्त होकर ढह गई। इससे मकान के गिरने का खतरा हो गया है। उन्होंने बताया कि मकान क्षतिग्रस्त होने से परिवार के सामने रहने की समस्या पैदा हो गई है। फिलहाल मकान में रह रहा गंगागिरी का परिवार जोखिम उठाकर उसी मकान में रह रहा है। इधर एसडीएम हिमांशु कफल्टिया के निर्देश पर राजस्व उप निरीक्षक पवन जुकरिया ने मौका मुआयना कर रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें