माई सिटी रिपोर्टर
हल्द्वानी। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने कहा कि बनभूलपुरा क्षेत्र में हुई हिंसा मामले में दोषियों को छोड़ा न जाए और जो लोग बेगुनाह हैं उन्हें तंग न किया जाए।
आयोग अध्यक्ष बृहस्पतिवार को काठगोदाम सर्किट हाउस में हिंसा मामले में हुई बैठक में कही। सुनवाई के दौरान क्षेत्र के लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच समेत अन्य मांगें रखीं। एडवोकेट मोहम्मद यूसुफ ने हिंसा मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज के माध्यम से कराने का अनुरोध किया। मौलाना अकरम ने बताया कि आयोग से कहा गया कि संबंधित जगह की हाईकोर्ट में 14 फरवरी को सुनवाई होनी थी, फिर आठ फरवरी को हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बनभूलपुरा के सैय्यद रेहान ने कहा कि कर्फ्यू के दौरान उनकी बिटिया ने डीएम को फोन कर मदद मांगी थी। प्रशासन ने तत्काल जरूरी सामान मुहैया करा। बनभूलपुरा क्षेत्र की रजिया, मेहरून्निशा, अमीर जहां और शमा परवीन का कहना था कि उनके मकान को नुकसान हुआ और वाहनों को जलाया गया है। उन्होंने सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई। अन्य लोगों ने कहा कि असामाजिक तत्वों का विरोध होना चाहिए, जिन्होंने हल्द्वानी शहर की फिजा को नापाक किया है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
बैठक में जिलाधिकारी वंदना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा, सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, एपी बाजपेयी, एएसपी हरबंश सिंह, एसडीएम पारितोष वर्मा, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष मजहर नईम नवाब आदि मौजूद रहे।
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दुकानें बंद कराने का मामला भी उठा
हल्द्वानी। सुनवाई के दौरान कैलाश पांडे और केके बोरा ने बताया कि कमलुवागांजा क्षेत्र में कुछ लोगों को दुकान खोलने से रोका जा रहा है। यह मामला कई दिन से चल रहा है। इस शिकायत को लेकर क्षेत्र के कई व्यापारी भी सर्किट हाउस पहुंचे थे।