हल्द्वानी। बनभूलपुरा हिंसा 22 आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मंजूर होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपील के लिए पुलिस अधिकारियों ने विधिक परामर्श लेना शुरू कर दिया है। एसएसपी ने कहा है कि सभी आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस और अभियोजन अधिकारी पूरा प्रयास करेंगे।
बनभूलपुरा दंगे में शामिल 22 अभियुक्तों की डिफॉल्ट अपील में दायर जमानत प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा समय पर चार्जशीट पेश नहीं करने के आधार पर उन्हें डिफॉल्ट का लाभ देते हुए मंगलवार को जमानत मंजूर कर दी गई थी। इनमें भोला उर्फ शुहैल, जावेद सिद्दकी, जावेद कुरैशी, शाहनवाज, रईश अहमद अंसारी, अब्दुल माजीद सहित अन्य शामिल हैं। कोर्ट ने मजिस्ट्रेट के उस आदेश को नियम विरुद्ध माना, जिसमें पुलिस को चार्जशीट पेश करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया। दंगे के मुख्य आरोपियों की जमानत अभी नही हुई है।
22 आरोपियों की जमानत मंजूर होने पर एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने कहा कि पुलिस ने तय समय में अपनी चार्जशीट दाखिल की है। विवेचना के लिए अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रीवेंशन एक्ट (यूएपीए) की धारा 43 डी (2) के तहत मजिस्ट्रेट की अनुमति से 90 से 170 दिन का समय दिया जाता है। विवेचना करने में जो समय लगा है, उसके लिए अधीनस्थ न्यायालय द्वारा न्यायोचित प्रक्रिया के तहत अनुमति ली गई थी। दिए गए समय के अंदर ही चार्जशीट फाइल की गई थी।
एसएसपी ने कहा कि कोर्ट के निर्णय के पश्चात प्रकरण में विधिक परामर्श लेने के पश्चात सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की कार्यवाही की जा रही है। साथ ही घटना में शामिल लोगों के विरुद्ध पुलिस द्वारा सख्त कार्यवाही की गई है। दर्ज हुए तीनों मामलों में तय समय में चार्जशीट दाखिल की गई है।