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वन विकास निगम के 28 फरवरी को जारी स्थानांतरण आदेश पर रोक

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प्रतीकात्मक फोटो।
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने वन विकास निगम की ओर से दो कर्मियों के 28 फरवरी 2020 को जारी स्थानांतरण आदेश पर रोक लगाते हुए निगम को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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न्यायमूर्ति आलोक सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। राजेश चंद्र लक्चोरा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वह उत्तराखंड वन विकास निगम में कार्यरत हैं। वन विकास निगम की ओर से 28 फरवरी 2020 को उसका स्थानांतरण रामनगर से कोटाबाग कर दिया गया है।
कहा कि उनकी सेवानिवृत्ति को एक वर्ष एक माह शेष है। याचिका में कहा कि उत्तराखंड ट्रांसफर एक्ट 2018 में सेवानिवृत्ति के दो वर्ष शेष रहने पर स्थानांतरण पॉलिसी में शिथिलता प्रदान की गई है। याचिकाकर्ता का स्थानांतरण मिडटर्म में किया गया है जो कि ट्रांसफर एक्ट के प्रावधानों के विपरीत है।
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अन्य मामले में हरीदत्त सती ने अलग से याचिका दायर कर वन विकास निगम की ओर से 28 फरवरी 2020 को आदेश जारी कर उनका स्थानांतरण हल्द्वानी करने को चुनौती दी थी। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने दोनों याचिकाओं पर सुनवाई के बाद वन विकास निगम की ओर से 28 फरवरी 2020 को जारी स्थानांतरण आदेश पर रोक लगा दी है।
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