नैनीताल। हाईकोर्ट ने बागेश्वर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सेवा समाप्ति के आदेश पर रोक लगाते हुए सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति आलोक सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
बागेश्वर निवासी आशा देवी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बाल विकास परियोजना अधिकारी बागेश्वर के 6 फरवरी 2020 के आदेश को कोर्ट चुनौती देते हुए कहा था कि बगैर किसी पूर्व सूचना और बिना सुनवाई का मौका दिए उसकी सेवा समाप्ति का आदेश जारी किया गया है। याचिका में कहा गया कि वह एक तलाकशुदा महिला है। आंगनबाड़ी केंद्र गोगीनापानी बागेश्वर की सहायिका की निराधार शिकायत पर उसकी सेवा को समाप्त कर दिया गया जो गलत है।
आशा देवी का कहना था कि वह आंगनबाड़ी केंद्र गोगीनापानी में 24 जनवरी 2018 से नियमित रूप से कार्य कर रही थी। उसकी नियुक्ति चयन प्रक्रिया तथा योग्यता के आधार पर की गई थी। उसे सुनवाई का मौका दिए बिना ही गलत तरीके से उसकी सेवा को बाल विकास परियोजना अधिकारी बागेश्वर ने समाप्त कर दिया। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सेवा समाप्ति के आदेश पर रोक लगाते हुए सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।