नैनीताल। काशीपुर के ट्रांसपोर्ट के वाहनों की फिटनेस काशीपुर के बजाय रुद्रपुर में एक निजी कंपनी से कराए जाने के परिवहन आयुक्त के आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि लोगों की सहूलियत के लिए परिवहन विभाग की ओर से वाहनों की फिटनेस टेस्ट और उसके सर्टिफिकेट काशीपुर के एआरटीओ कार्यालय से ही जारी किए जाएं। मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ में हुई। काशीपुर निवासी प्रवीण कुमार ने याचिका दायर कर परिवहन आयुक्त के आदेश को चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया कि परिवहन आयुक्त कार्यालय ने पांच नवंबर 2022 को आदेश जारी कर कहा कि काशीपुर और जसपुर के बड़े और छोटे ट्रांसपोर्ट वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट अब रुद्रपुर में स्थित लखनऊ की एक निजी कंपनी जारी करेगी। इस ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर (एटीसी) को परिवहन आयुक्त कार्यालय ने बिना टेंडर के ठेका दे दिया, जो नियम विरुद्ध है।
याचिका में कहा कि जब एआरटीओ का कार्यालय काशीपुर में है तो उनके वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट भी वहीं से जारी किए जाएं। रुद्रपुर जाना खर्चीला है। वाहनों को अपने परमिट के लिए क्षेत्र से बाहर जाना पड़ रहा है।
याचिका के अनुसार वर्ष 2013 में एआरटीओ कार्यालय काशीपुर में खुलने के बाद न्यायालय ने आम लोगों की सहूलियत को देखते हुए एक महीने के भीतर इस क्षेत्र की सभी फाइलों को रुद्रपुर से काशीपुर कार्यालय में शिफ्ट करने के आदेश दिए थे। उसके बाद भी परिवहन कार्यालय ने यह आदेश दिया है।