बागेश्वर। गरुड़ गंगा प्रोजेक्ट की बैठक में अधूरी तैयारी के साथ पहुंचे अधिकारियों को डीएम रंजना राजगुरु ने जमकर लताड़ लगाई। डीएम अधिकारियों के रवैये से इतनी नाराज हुईं कि बैठक छोड़कर चल दीं और जल्द होने वाली बैठक में अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ शिरकत करने की हिदायत दी है। उल्लेखनीय है कि गरुड़ गंगा प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
डीएम रंजना ने सोमवार अपराह्न गरुड़ गंगा प्रोजेक्ट की समीक्षा के लिए अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। उन्होंने अधिकारियों से संबंधित कार्यों की जानकारी मांगी, तो अधिकारी सटीक जानकारी नहीं दे पाए। डीएम ने प्रोजेक्ट के तहत भविष्य में होने वाले कार्यों के संबंध में पूछा तो इसका भी अधिकारी जवाब नहीं दे पाए। कितनी बार परियोजना का निरीक्षण किया? इसका भी जवाब नहीं होने पर अधिकारी बगलें झांकने लगे। इस पर नाराज हो गईं और बैठक से उठकर चली गईं।
गरुड़ गंगा प्रोजेक्ट के तहत गरुड़ क्षेत्र की नौ नदियों/गधेरों का पुनरोद्धार किया जाना है। इनमें अमोली, कमलेख, कौसानी, दारना, जड़ियाबगड़ धार, धारपानीधार, पिंगलाकोट, शौकलाखट्टा गधेरा शामिल हैं। इन गधेरों को रिचार्ज करना प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद है। परियोजना के नोडल अधिकारी सीडीओ डीडी पंत हैं। लघु सिंचाई, जल संस्थान, वन, पंचायतीराज समेत तमाम विभाग परियोजना में काम कर रहे हैं। इससे पहले 15 मार्च को परियोजना की समीक्षा बैठक हुई थी।
परियोजना में काम हुआ है। अधिकारी परियोजना में किए गए कार्यों के संबंध में सही ढंग से जानकारी नहीं दे पाए। जब अधिकारी खुद ही अपडेट नहीं होंगे तो काम कैसे होगा। जल्द ही परियोजना की समीक्षा बैठक की जाएगी। अधिकारियों को संपूर्ण जानकारी के साथ बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को इस बात को गंभीरता से लेना होगा।
- रंजना राजगुरु, डीएम, बागेश्वर।