इस प्रक्रिया से विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
एक या दो विषय में फेल होने के बाद विद्यार्थी को दोबारा उसकी कक्षा में परीक्षा अगले वर्ष देनी होती है। ऐसे में उसका पूरा साल बर्बाद हो जाता है और वह अगली कक्षा में प्रवेश नहीं कर पाता है। ऐसे में अब बैक पेपर की सुविधा मिलने से उसका साल भी बचेगा और वह आसानी से अगली कक्षा में प्रवेश कर सकेगा। बोर्ड के इस प्रस्ताव से विद्यार्थियों को सबसे अधिक लाभ पहुंचेगा।
एक और परीक्षा कराने का होगा दबाव
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद सालभर में बोर्ड परीक्षाओं के अलावा डीएलएड, यूटीईटी, जवाहर नवोदय, राजीव गांधी नवोदय सहित छह प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करता है। बैक पेपर को मंजूरी मिलती है तो फिर बोर्ड के सामने एक और परीक्षा कराने का दबाव बढ़ेगा। हालांकि यह सुविधा विद्यार्थियों के हित में है, लेकिन बोर्ड पर अतिरिक्त भार जरूर पड़ेगा।
10वीं, 12वीं में फेल होने वाले विद्यार्थियों को बैक पेपर देने की सुविधा बोर्ड देने जा रहा है। परिषदीय बैठक कर एक प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद लागू किया जाएगा।
- सीमा जौनसारी, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, उत्तराखंड