नैनीताल। नैनीताल के कैंची धाम क्षेत्र में 108 एंबुलेंस में महिला ने नवजात को जन्म दिया है। जच्चा-बच्चा को बीडी पांडे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों स्वस्थ हैं। सड़क पर वाहनों की कतार के चलते एंबुलेंस को अस्पताल पहुंचने में करीब 20 मिनट की देरी हुई।
कैंची धाम क्षेत्र निवासी कविता को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजन व आशा वर्कर ने अस्पताल ले जाने के लिए आपातकालीन सेवा 108 को सूचित किया। घर दूर होने के कारण परिजन किसी तरह प्रसूता को सड़क तक लेकर आए। महिला को 108 एंबुलेंस में बैठाया ही था कि दर्द बढ़ गया। एंबुलेंस कर्मचारियों ने तुरंत एंबुलेंस अस्पताल की ओर ले जाने की बात कही। इस बीच दिक्कत बढ़ने पर एंबुलेंस में तैनात तकनीशियन सुनील बिष्ट व आशा कार्यकर्ता भगवती देवी ने डॉक्टरों से फोन पर सलाह लेकर एंबुलेंस में ही पौने नौ बजे महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया। इस पर परिजनों और एंबुलेंस में तैनात कर्मियों ने राहत की सांस ली। करीब 21 किलोमीटर का सफर तय कर लगभग 11 बजे एंबुलेंस ने जच्चा और बच्चा दोनों को बीडी पांडे अस्पताल पहुंचाया। दोनों को भर्ती कर प्राथमिक इलाज दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
महिला का पहला प्रसव भी एंबुलेंस में ही हुआ था
आशा कार्यकर्ता भगवती देवी ने बताया कि महिला ने इससे पहले भी एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद उसे अस्पताल लाया गया था। उन्होंने बताया कि कैंची धाम व भवाली के आसपास के क्षेत्र में वाहनों की संख्या ज्यादा होने के चलते अस्पताल पहुंचने में कुछ देर हुई।
कोट-
108 में तैनात स्टाफ़ ने आपातकालीन स्थिति में महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई है। जच्चा-बच्चा दोनों को भर्ती कर जांच कर ली गई है। बच्चा हेल्दी होने के चलते महिला को परेशानी हुई। अब जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
प्रेमा, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बीडी पांडे अस्पताल, नैनीताल
- 108 में तैतात फार्मासिस्ट प्रसव के लिए ट्रेंड होते हैं। ऐसे कई मामलों में उन्होंने सुरक्षित प्रसव कराए हैं। यह समस्या लोगों में जागरुकता की कमी या घर में प्रसव कराने की चाह के चलते होती है। प्रसव पीड़ा से पूर्व अस्पताल पहुंचने या आशाओं से संर्पक करने वाले केसों में कोई दिक्कत नहीं होती है।
डॉ. हरीश चंद्र पंत,सीएमओ, नैनीताल
फोटो- 09 एनटीएल 01 व 03पी