बृहस्पतिवार को राखी का पर्व होने के कारण प्रशासनिक अमला रात भर दोगांव के पास से मलबा हटाने में जुटा रहा। मौके पर मौजूद हर ‘भाई’ पूरे मनोयोग से बोल्डर और चट्टानों को हटाने के लिए ‘समय’ के साथ दो-दो हाथ करता दिखा। बहनें सुबह आराम से अपने भाइयों के पास पहुंचकर उन्हें राखी बांध सकें, इसके लिए प्रशासन और एनएच ने रात में आस्का लाइट के अलावा रॉक हैमर भी मंगा लिए गए। ‘भाइयों’ ने उम्मीद जताई कि सुबह बहनें हर हाल में इसी रोड से रवाना होंगी।
भीमताल मार्ग पर सलड़ी के बाद का क्षेत्र क्रोनिक जोन में आता है। लोनिवि और प्रशासन को अंदेशा है कि यह मार्ग कभी भी बंद हो सकता है। ऐसे में नैनीताल मार्ग ही पहाड़ को जाने का विकल्प है, लेकिन यह मार्ग भी बंद पड़ा है। ऐसे में मार्ग को क्लियर करने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन शाम तक कोई सफलता नहीं मिली। इसके अलावा बृहस्पतिवार को राखी का त्योहार है। इसके मद्देनजर सड़क को खोलने के लिए रात में भी काम करने का फैसला किया गया। डीएम दीपक रावत ने बताया कि आस्का लाइट मंगाकर ऑपरेशन शुरू किया गया है। मौजूदा संसाधनों के अलावा रॉक हैमर आदि भी मंगाए गए हैं।
कोशिश है कि देर रात या तड़के तक रास्ता खोल दिया जाए। अगर पोकलैंड मशीन आदि से रास्ता नहीं खुलता है, तो मजबूरी में विस्फोटकों का इस्तेमाल करना होगा। भीमताल मार्ग कभी भी बंद हो सकता, जिसके मद्देनजर भी नैनीताल मार्ग को खोलना बेहद जरूरी है। स्वयं के साथ अन्य अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहने को कहा है, जिससे कोई आवश्यकता हो तो उसको उपलब्ध करा दिया जाए।
हल्द्वानी-नैनीताल रोड के बंद होने के कारण कोई भी बहन अपने भाई को राखी बांधने से वंचित नहीं रहेगी। भले ही मुझे रातभर दोगांव में मौजूद रहकर सड़क खुलवानी पड़े, इसके लिए मैं तत्पर रहूंगा हर हाल में बृहस्पतिवार की सुबह तक सड़क खुलवा दी जाएगी। सड़क खुलवाने का कार्य आसानी से हो सके, इसके लिए आस्का लाइट समेत अन्य जरूरी संसाधन जुटा लिए गए हैं।
- दीपक रावत, डीएम, नैनीताल।
भुजियाघाट में हुआ था विस्फोटक का इस्तेमाल
हल्द्वानी। करीब छह साल पहले नैनीताल मार्ग पर ही भुजियाघाट में रास्ता बंद हो गया था। रास्ता पूरी तरह टूटकर खाई में समा गया था। इसके बाद भारी मात्रा में विस्फोटक का इस्तेमाल करते हुए पहाड़ काटकर नये सिरे से रास्ता बनाया गया था।