मेधावी छात्र निखिल जोशी आईएएस अफसर बनकर अपने माता-पिता का सपना पूरा करना चाहता है। उसकी यह राह आसान करने का काम किया है अमर उजाला फाउंडेशन की अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति ने। अगर उसे यह छात्रवृत्ति समय से न मिलती तो शायद वह आगे नहीं बढ़ पाता।
मूल रूप से लोहाघाट (चंपावत) के दूरस्थ गांव के रहने वाला निखिल पढ़ाई में बचपन से ही होनहार रहा है। उसके पिता लक्ष्मीदत्त जोशी कृषि कर परिवार का पालन पोषण करते हैं और मां बीना देवी गृहणी हैं। मेधावी निखिल ने उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा में 89.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने परिवार का नाम रोशन किया था।
पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उसे बेहतर ढंग से पढ़ाई करने में दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति योजना में उसका चयन होने से मंजिल आसान हो गई। निखिल ने बताया कि अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के रूप में उसे 50 हजार की मदद मिली।
इससे उसे इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने में काफी मदद मिली है। निखिल ने बताया कि घर के आसपास कोई अच्छा स्कूल न होने पर उसने घरबार छोड़ दिया और नंधौर वैली (चोरगलिया) में अपनी बुआ लक्ष्मी देवी और फूफा खष्टीदत्त बजेठा के यहां रह कर हैरीटेज कान्वेंट स्कूल से इंटरमीडिएट कर रहा है।
उसका फुफेरा भाई कमल बजेठा भी उसकी पढ़ाई में काफी मदद करता है। निखिल रोजाना 5 से 6 घंटे अध्ययन करता है, ताकि इंटरमीडिएट की परीक्षा में भी टॉपर लिस्ट में जगह बना सके। उसका कहना है कि वह इंटरमीडिएट की पढ़ार्ई पूरी करने के बाद सिविल सर्विसेज के लिए तैयारी करेगा।
वह आईएएस अफसर बनकर गरीबों की सेवा करना चाहता है। निखिल की छोटी बहन निकिता जोशी हाईस्कूल में तथा छोटा भाई योगेश जोशी कक्षा छह में पढ़ते हैं, वह उन दोनों को भी मेहनत से पढ़ाई करने की शिक्षा देता है।