नैनीताल। नगर पालिका में काम पर वापस रखने की मांग को लेकर शनिवार को दो कर्मचारियों ने मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह की कोशिश की, जिससे हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद पुलिस और खुफिया विभाग के कर्मचारियों ने किसी तरह से दोनों युवकों को काबू में किया।
पालिका प्रशासन ने साल भर पहले काम में अनियमितता मिलने पर आउटसोर्स से रखे गए पवन और सौरभ को काम से हटा दिया था। तभी से वह काम पर वापस लेने की मांग कर रहे थे। इस संबंध में वह डीएम और कमिश्नर तक को भी ज्ञापन दे चुके थे। पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी ने भी शीघ्र काम पर रखने का आश्वासन दिया था।
मांग पूरी नहीं होने पर दोनों ने शनिवार को आत्मदाह की चेतावनी दी थी, जिस पर पालिकाध्यक्ष कार्यालय के पास पुलिस बल तैनात किया गया। इसी संबंध में वाल्मीकि समाज और देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और दोनों के परिजनों ने पालिकाध्यक्ष नेगी से वार्ता की। नेगी ने कहा कि उन्हें एक मौका देंगे और उन्हें घर घर जाकर या नारायण नगर स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट में काम पर रखा जा सकता है।
इसकी जानकारी उन्होंने दोनों युवकों को फोन पर दी। लेकिन वह इस पर राजी नहीं हुए। इसी बीच पवन और सौरभ पालिका कार्यालय के बाहर पहुंचे और पालिकाध्यक्ष पर झूठे आश्वासन देने का आरोप लगाते हुए अपने शरीर में मिट्टी का तेल छिड़कने लगे। मौके पर मौजूद पुलिस और अन्य लोगों में हड़कंप मच गया। एक युवक पालिका के दो मंजिला भवन की सीढ़ियों में चढ़ गया। इस पर पुलिस और एलआईयू कर्मियों ने किसी तरह दोनों युवकों को पकड़ लिया। इस दौरान कोतवाल अशोक कुमार समेत कई पुलिस कर्मियों के कपड़ों में भी मिट्टी का तेल गिर गया। बाद में पुलिस दोनों को कोतवाली ले गईं, जहां देर तक उन्हें समझाने का दौर चलता रहा।
इस दौरान एसएसआई कश्मीर सिंह, सभासद राजू टांक, भगवत रावत, पुष्कर बोरा, सपना बिष्ट, गजाला कमाल, मोहन नेगी, कैलाश रौतेला, सोनू सहदेव, केएल आर्य, अभिषेक मुलतानिया, मनोज पवार, राजेंद्र वाल्मीकि आदि मौजूद थे।
कोतवाल अशोक कुमार ने बताया कि दोनों युवकों के खिलाफ आईपीसी की धारा 151 व 107/16 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
- दोनों युवक आउटसोर्स के कर्मचारी थे। उन्हें काम पर रखने का आश्वासन दिया गया है। युवकों को डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन या नारायण नगर कूड़ा निस्तारण प्लांट में काम देने की बात कही, लेकिन वह नहीं माने। - सचिन नेगी, पालिकाध्यक्ष, नैनीताल