वन विभाग की एक बड़ी टीम शिकारियों के साथ पिछले एक माह से आदमखोर को मारने के अभियान में जुटी पड़ी है, लेकिन अब तक हर बार बाघिन वन कर्मियों और शिकारियों पर ‘बीस’ ही साबित हो रही है। आदमखोर बाघिन के हमले का अब एक और मामला सामने आया है।
इस बार बाघिन के हमले का शिकार बनी हैं भवानीपुर खुल्वे की गौरी पटवाल। खेत में घास काट रही गौरी की गर्दन पर बाघिन ने हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया है। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल को घेरकर देर रात तक सर्च अभियान चला रखा था।
बुधवार को भवानीपुर खुल्वे निवासी गौरी पटवाल पत्नी रघुवीर अपनी देवरानी मुन्नी देवी के साथ गुमानपुर में शाम करीब 5:30 बजे खेत में धान फैलाने के बाद गन्ने के खेत के पास मेड़ पर घास काट रही थीं। तभी गन्ने के खेत से निकली बाघिन ने गौरी देवी पर हमला कर दिया।
यह देख मुन्नी और गौरी ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर बाघिन गौरी देवी को छोड़ गन्ने के खेत में भाग गई। आननफानन में दोनों महिलाएं घर आई। रघुवीर उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए। हमले में गौरी देवी की गर्दन में बाघिन के पंजे से जख्म हो गया है। वहीं, बाघिन के हमले के बावजूद कोई भी विभागीय अधिकारी उनका हाल जानने नहीं पहुंचा।
इधर, घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। एसडीओ कलम सिंह बिष्ट ने बताया कि गन्ने के खेत को देर रात गाड़ियो की रोशनी और सर्च लाइट लगाकर घेर लिया गया हे। सूचना पर एसडीएम पारितोष वर्मा और भारी पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा हुआ है। देर रात तक सर्च ऑपरेशन जारी था।
तीस दिन में बाघिन ने दो को बनाया निवाला, तीन किये घायल
ग्राम तल्ला कानिया, सेमलखलिया गोरखपुर और भवानीपुर क्षेत्र में बीती छह सितंबर से लेकर अब तक हुए बाघिन के हमलों से यहां के लोगों में काफी दहशत है। बाघिन ने छह सितंबर को तल्ला कानिया निवासी गोविंदी देवी (60), 17 सितंबर को ग्राम गोरखपुर निवासी परमजीत सिंह पर बाघिन ने हमला बोलकर उन्हें मार डाला था।
इसके बाद 26 सितंबर को खेत में घास काटने गई ग्राम सेमलखलिया निवासी गोपाल सिंह नेगी की पत्नी सुमन नेगी पर बाघिन ने हमला बोल गंभीर रूप से घायल कर दिया था। अब पांच अक्तूबर को भवानीपुर खुल्वे निवासी गौरी पटवाल पर बाघिन ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया।