अक्तूबर का महीना अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए खगोलीय घटनाओं से भरपूर रहेगा। इस दौरान ग्रहों की निकटता और दो प्रमुख उल्कावृष्टियां आसमान को खास बनाएंगी। बरसात की समाप्ति के बाद साफ और खुले मौसम में इनका नजारा और अधिक आकर्षक होगा। माह की शुरुआत से ही सूर्य, पृथ्वी और शनि लगभग एक सीध में रहे जिसके परिणामस्वरूप शनि सूर्यास्त से सूर्योदय तक आकाश में बहुत चमकीला दिखाई दिया था और दूरबीन से शनि के छल्लों को भी देखा जा सका।
8-9 अक्तूबर को दिखेंगे ड्रेकोनिड उल्कापिंड
अक्तूबर की पहली प्रमुख उल्कावृष्टि ड्रेकोनिड आठ और नौ अक्तूबर को अपने चरम पर होगी। इस उल्कावृष्टि को शाम के शुरुआती घंटों में भी देखा जा सकेगा। इस वर्ष अमावस्या के आसपास होने के कारण आसमान अपेक्षाकृत अंधेरा रहेगा, जिससे उल्काएं अधिक संख्या में और ज्यादा चमकदार दिखाई देने की संभावना रहेगी।
21-22 अक्तूबर को ओरिओनिड उल्कापात
इस महीने की दूसरी और अधिक चर्चित उल्कावृष्टि ओरिओनिड होगी, जिसका चरम 21-22 अक्तूबर की रात के आसपास रहेगा। ये उल्काएं प्रसिद्ध हेलीज कॉमेट द्वारा अंतरिक्ष में छोड़े गए धूल-कणों के पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने से उत्पन्न होती हैं। ये आधी रात के बाद से सुबह तक का देखी जा सकेंगी।
अंधेरे आसमान में दिखेगी एंड्रोमेडा गैलेक्सी
आर्य भट्ट प्रेक्षण विज्ञान अनुसंधान संस्थान के मोहित जोशी ने बताया कि अक्तूबर में इन घटनाओं के अलावा एंड्रोमेडा गैलेक्सी को देखने का भी अच्छा अवसर रहेगा। इसे दूरबीन या की सहायता से देखा जा सकता है। एंड्रोमेडा पृथ्वी से लगभग 25 लाख प्रकाश वर्ष दूर है। यानी आज दिखाई देने वाला उसका प्रकाश लगभग 25 लाख वर्ष पहले वहां से चला होगा।