प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक फ्रंट (पीडीएफ) की ओर से राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारने के निर्णय से हरीश रावत सरकार पर गहराया संकट उनकी कैबिनेट के एक और मंत्री यशपाल आर्य की नाराजगी से और बढ़ गया है। पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा को उनकी जगह प्रत्याशी घोषित करने से नाराज आर्य कांग्रेस के लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं। सीएम ने आर्य को मनाने के लिए गृह मंत्री प्रीतम सिंह को जिम्मेदारी दी है। प्रीतम ही आर्य को उनके गृह जनपद से हेलीकॉप्टर में देहरादून लाए। बीजापुर मुख्यमंत्री आवास पर सीएम की आर्य से बातचीत तो हुई लेकिन उनकी नाराजगी अभी दूर नहीं हुई है। उधर, पीडीएफ के कांग्रेस के पक्ष में रोलबैक की कोशिशें भी सिरे नहीं चढ़ रही हैं, जिससे राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की चुनौती बढ़ती दिख रही है।
पीडीएफ से मंत्री दिनेश धनै के राज्यसभा का प्रत्याशी बनने के बाद सीएम को मंत्री यशपाल आर्य ने झटका दे दिया। कांग्रेस आलाकमान की सूची दिल्ली से जारी होते ही यशपाल आर्य ने अपनी नाराजगी जता दी। शनिवार को सीएम ने मंत्री प्रीतम सिंह को बुलाकर आर्य से बातचीत का जिम्मा सौंपा। इस बीच सीएम हाउस तक यह सूचनाएं भी पहुंचना शुरू हो गई कि आर्य दिल्ली जा रही हैं और भाजपा भी सक्रिय है। रविवार सुबह सीएम ने मंत्री प्र्रीतम सिंह को आर्य से बातचीत करने के लिए हेलीकॉप्टर से ऊधमसिंह नगर भेज दिया। आर्य दोपहर को प्रीतम के साथ देहरादून पहुंचे तो कांग्रेस ने राहत की सांस ली।
इसके बात प्रीतम और आर्य बीजापुर गेस्ट हाउस पहुंचे जहां उनकी सीएम के साथ काफी लंबी वार्ता हुई। आर्य ने इस बात पर आपत्ति जताई है कि उनका पत्ता काट कर राज्यसभा प्रत्याशी टम्टा को बनाया गया। 18 मार्च के सियासी संकट में आर्य सीएम के साथ डटे रहे थे, जिससे उम्मीद जताई जा रही थी कि राज्यसभा में उनकी दावेदारी सब पर भारी पड़ेगी। दलित नेता को राज्यसभा टिकट मिलने की उम्मीद से आर्य की दावेदारी और मजबूत दिख रही थी, लेकिन उनके मुकाबले टम्टा को मिली तरजीह अब कांग्रेस के गणित पर भारी पड़ सकती है।
नाराजगी जैसी तो कोई बात नहीं है। राज्यसभा चुनाव को लेकर सीएम से चर्चा हुई। पीडीएफ की दावेदारी के साथ मसले हैं जिनपर बातचीत हुई है।
-यशपाल आर्य, राजस्व मंत्री