रामनगर। सावल्दे में बने हाथी गांव में बीमार हाथी की जान बचाने के लिए सेना के जवान आगे आए हैं। पैरों में इंफेक्शन की वजह से हाथी काफी दिनों से खड़ा नहीं हो पा रहा है। हाथी को खड़ा करने के लिए ऐरावत संस्था की ओर से सेना से गुहार लगाई गई थी। सोमवार को सेना के जवानों ने हाथी को खड़ा के लिए स्ट्रक्चर बनाना शुरू कर दिया है।
पटना (बिहार) के गांव मीरग्यासचक के रहने वाले अख्तर इमाम ने हाथियों के संरक्षण के लिए ऐरावत संस्था बनाई और अपनी 50 एकड़ जमीन संस्था के नाम कर दी। 2018 में वह रामनगर आ गए। यहां सांवल्दे गांव में 26 बीघा जमीन लीज पर ली और हाथियों के संरक्षण का काम शुरू कर दिया। यहां हाथियों के रहने के लिए टिन शेड, बिजली, सोलर फेंसिंग, नहलाने के लिए मोटर की व्यवस्था की। इस समय यहां पर मोती को पाला जा रहा है। 2021 में बिहार में अख्तर इमाम की हत्या कर दी गई थी। तब से यहां पर हाथियों की देखभाल संस्था के सदस्य इमरान खान कर रहे है। इमरान खान ने बताया कि मोती हाथी के पैरो में इंफेक्शन होने की वजह से खड़ा नहीं हो रहा था। हाथी के उपचार के लिए वाइल्ड लाइफ एसओएस संस्था मथुरा भेजा जाना है। जब तक हाथी खड़ा नहीं होगा और तब तक उसे मथुरा नहीं भेजा जा सकता।
इमरान खान ने बताया कि चार दिन पहले उन्होंने सेना से गुहार लगाई गई थी। हाथी की जान बचाने के लिए सोमवार को मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस रुड़की की एक टीम पहुंची। टीम ने हाथी को खड़ा करने के लिए एक स्ट्रक्चर बनाया है।