नैनीताल। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा कि यह उत्तराखंड का सौभाग्य है कि यहां विश्वप्रतिष्ठित शोध संस्थान एरीज है जो खगोल विज्ञान, सौर भौतिकी और वायुमंडलीय विज्ञान शोध के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान दे रहा है।
राज्यपाल गुरमीत सिंह यहां मनोरा पीक स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) का निरीक्षण कर खगोल वैज्ञानिकों से शोध कार्यों की जानकारी ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने टेलीस्कोप से चंद्रमा का अवलोकन कर कहा कि यह देखना एक अद्भुत अनुभव रहा है। निरीक्षण के दौरान एरीज के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने राज्यपाल को बताया कि 104 सेमी संपूर्णानंद टेलीस्कोप एशिया में सबसे पुरानी व प्रथम टेलीस्कोप है। इस वर्ष टेलीस्कोप की स्थापना के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में युवाओं का रुझान अंतरिक्ष व खगोल विज्ञान की ओर बढ़ता जा रहा है। इस क्षेत्र में बेहतरीन कॅरिअर संबंधी बहुत अधिक संभावनाएं हैं। उन्होंने वैज्ञानिकों से एस्ट्रो टूरिज्म की संभावनाओं पर भी विचार करने के लिए कहा।
राज्यपाल को बताया गया कि जिला प्रशासन के सहयोग से ओखलकांडा ब्लाक के देवस्थल और नैनीताल के ताकुला गांव को एस्ट्रो टूरिज्म विलेज के लिए चुना गया है। यहां आने वाले सैलानियों को छोटी टेलीस्कोप की मदद से अंतरिक्ष के नजारे दिखाए जाएंगे और वे तारों को भी निहार सकेंगे। राज्यपाल ने अन्य जिलों में भी एस्ट्रो टूरिज्म के क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि संस्थान को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
वैज्ञानिकों ने राज्यपाल को शोध संस्थान की विभिन्न गतिविधियों के बारे में भी जानकारी दी। बताया कि भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एरीज एक स्वायत्त निकाय है। मनोरा पीक नैनीताल में खगोलीय वेधशाला का गठन उत्तर प्रदेश राजकीय वेधशाला के नाम से उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 20 अप्रैल 1954 को वाराणसी में किया गया थ। उसके बाद 1955 में नैनीताल और 1961 में अपने वर्तमान स्थान मनोरा पीक में इसे स्थापित किया गया। वर्ष 2000 में अलग उत्तराखंड राज्य बनने के बाद यह ‘राजकीय वेधशाला’ के रूप में पहचानी जाने लगी। यह वेधशाला 22 मार्च 2004 से भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्तशासी संस्थान के रूप में कार्य कर रही है। इस मौके पर प्रदेश की प्रथम महिला गुरमीत कौर, एरीज के निदेशक प्रो. दीपांकर बनर्जी, संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडे, डॉ. बृजेश कुमार सहित अन्य वैज्ञानिक व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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50 सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और कर्मचारियों को करेंगे सम्मानित
नैनीताल। राज्यपाल ने कहा कि वेधशाला को आगे बढ़ाने में यहां कार्यरत हर कर्मचारी का अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि 50 ऐसे संबंधित वैज्ञानिकों, शोधार्थियों एवं कर्मचारियों को चिह्नित किया जाए जिनका वेधशाला के संचालन में सर्वश्रेष्ठ योगदान रहा हो। उन्हें सम्मानित किया जाएगा। हल्द्वानी में स्थापित किए जाने वाले एस्ट्रोपार्क, विज्ञान केंद्र की स्थापना संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उन्होंने निदेशक एरीज को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
(माई सिटी रिपोर्टर)
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राज्यपाल ने हनुमानगढ़ी मंदिर में की पूजा अर्चना
नैनीताल। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने हनुमानगढ़ी स्थित मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों की समृद्धि और खुशहाली की कामना की। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि हनुमानगढ़ी पहुंचकर उन्हें शांति एवं दिव्यता की अनुभूति हुई। राज्यपाल ने मंदिर में साफ-सफाई, शांत वातावरण के लिए मंदिर प्रशासन की सराहना की। इस मौके पर उनकी पत्नी और अन्य स्टाफ मौजूद रहा। (संवाद)