राज्यपाल डा. कृष्णकांत पाल ने राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति की हैसियत से कुमाऊं विवि भौतिकी विज्ञान विभाग में मई 2013 में असिस्टेंट प्रोफेसर प्रो. हेमवती नंदन पांडे की नियुक्ति के विरुद्ध दायर याचिका पर अपना निर्णय दिया है। उन्होंने विवि कार्य परिषद को विवि नियमों और उपनियमों के विरुद्ध की गई नियुक्ति को रद्द कर अग्रिम कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
वर्ष 2013 में कुविवि के कुलपति रहते हुए प्रो. राकेश भटनागर ने प्रो. हेमवती नंदन पांडे की नियुक्ति भौतिक विज्ञान विभाग अल्मोड़ा के लिए की थी। इसके खिलाफ डा. सीमा पांडे ने उत्तर प्रदेश विवि अधिनियम यथावत उत्तराखंड राज्य के अंतर्गत याचिका दायर की। राज्यपाल ने ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से आए निर्णयों का संज्ञान लेते हुए साइंस परिषद से जांच कराई। इसमें अनियमितता उजागर हुई। मामले में उन्होंने कुविवि कार्य परिषद से नियम विरुद्ध नियुक्ति पर विवि मानकों, नियमों के तहत कार्रवाई करने को कहा है।
इधर, कुविवि के कुलसचिव प्रो. डीसी पांडे ने कहा कि राज्यपाल के आदेश के बाद मामले को आगामी कार्य परिषद की बैठक रखा जाएगा और उसी के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। इधर, बताया गया है कि डा. हेमवती नंदन पांडे का एक मई 2013 को अल्मोड़ा परिसर में नियुक्ति दी गई। डा. पांडे ने अल्मोड़ा की जगह नैनीताल में नियुक्ति की मांग को लेकर अल्मोड़ा में अपनी उपस्थिति नहीं दी और तीन माह मेडिकल अवकाश लेकर चले गए। पता चला है कि डा. पांडे वर्तमान में गुरुकुल कांगड़ी विवि हरिद्वार में तैनात हैं।