रामनगर। इस बार जहां मौसम की मार से कई फसलों को नुकसान पहुंचा है, वहीं रामनगर क्षेत्र में 853 हेक्टेयर में फैले आम और 755 हेक्टेयर में लीची के बगीचों में बौर से फल बनना शुरू हो गए हैं।
उद्यान सचल दल प्रभारी अर्जुन सिंह परवाल ने बताया कि आम की फसल एक साल बढ़िया तो दूसरे साल आधी हो जाती है। इस बार आम में बौर बढ़िया आ रहे हैं। लीची की फसल तो काफी अच्छी है, बस इनको आंधी का ही खतरा है। उन्होंने बताया कि आम की फसल में बारिश या आंधी आने पर पाउड्रीमिल्ड्य रोग लगने की आशंका हो जाती है।
उन्होंने किसानों को इससे निजात पाने के लिए दो ग्राम प्रति लीटर वावस्टीन कीटनाशक का घोल बनाकर छिड़काव करने का सुझाव दिया।