12 दिसंबर 2010 को जब अनुपमा का भाई दिल्ली से देहरादून आया तब जाकर हत्या होने का पता चला। देहरादून कोर्ट ने पहली सितंबर 2017 को राजेश गुलाटी को आजीवन कारावास के साथ 15 लाख अर्थदंड की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने अर्थदंड में ले 70 हजार राजकीय कोष में जमा करने व शेष राशि अनुपमा के बच्चों के बालिग होने तक बैंक में जमा कराने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने इस घटना को जघन्य अपराध की श्रेणी में माना था।