नैनीताल। हाईकोर्ट ने ऊधमसिंह नगर जिले में वर्ष 2015 से 17 के बीच खाद्य विभाग की ओर से चावल क्रय करते वक्त 600 करोड़ रुपये का घोटाला करने की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई सात नवंबर को होगी। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
गरुड़ रीठा निवासी गोपाल वनवासी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि वर्ष 2020 में कई दैनिक समाचारपत्रों में यह घोटाला जनता के सामने लाया गया था। उन्होंने इसकी सूचना खाद्य विभाग से मांगी लेकिन विभाग ने उन्हें इसकी सूचना आरटीआई में उपलब्ध नहीं कराई। सूचना उपलब्ध न कराने पर उन्होंने इसकी प्रथम अपील विभागीय सूचना अधिकारी में की। वहां से भी कोई जवाब न मिलने पर द्वितीय सूचना अपील अधिकारी राज्य सूचना आयोग में की। राज्य सूचना आयोग ने अपील को निस्तारित करते हुए राज्य सरकार और खाद्य विभाग को निर्देश दिए कि मांगी गई सूचना उपलब्ध कराई जाए। सूचना प्राप्त होने के बाद उनकी शिकायत पर वर्ष 2020 में एसआईटी में मामले की जांच की, जिसमें घोटाले की पुष्टि हुई लेकिन सरकार ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की।