फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जसपुर के 19 राजस्व गांवों को काशीपुर तहसील में शामिल करने के मामले में सरकार से मांगा जवाब

विज्ञापन
प्रतीकात्मक फोटो।
विज्ञापन
नैनीताल। हाईकोर्ट ने ऊधमसिंह नगर जिले में जसपुर तहसील के 19 राजस्व गांवों को काशीपुर तहसील में शामिल करने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

सोमवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई थी। मामले के अनुसार जसपुर निवासी सद्दाम हुसैन और सलामत ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि जनता की सुविधा के लिए 2004 में काशीपुर तहसील से करीब 101 गांवों को हटाकर जसपुर तहसील बनाई गई थी लेकिन 12 मई 2020 को राज्य सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर 19 गांवों को फिर से काशीपुर तहसील में शामिल कर दिया। इन गांवों करनपुर, हरियावाला, शाहगंज, किलावती, दुर्गापुर, नवलपुर, गढ़ीनेगी, भरतपुर, गिरघई मुंशी, बाबर खेड़ा, माजरा श्याम नगर, लालपुर, कुंडा, गणेशपुर, केसरीपुर, बकसौरा, टीला, बैंतवाला और बगवाड़ा शामिल हैं।
याचिका में कहा गया कि इसके लिए जनप्रतिनिधियों या जनता से कोई राय नहीं की गई। आरोप लगाया गया कि सरकार ने सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए यह निर्णय लिया। इस निर्णय का कानूनी या व्यावहारिक आधार नहीं है। याचिकाकर्ता ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी यह होगी कि उन्हें अपने प्रमाणपत्रों में पता-ठिकाना बदलना होगा, जिसमें समय और पैसे दोनों की बर्बादी होगी। याचिकाकर्ता ने सरकार के नोटिफिकेशन को निरस्त करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें